चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के टाटा मेन अस्पताल, नोवामुंडी में मरीजों से लिए जाने वाले रजिस्ट्रेशन और चिकित्सकीय परामर्श शुल्क में हाल में की गई बढ़ोतरी को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने टाटा स्टील प्रबंधन के समक्ष आपत्ति जताई। जनप्रतिनिधियों ने बढ़ी हुई फीस वापस लेकर पूर्व निर्धारित दर लागू करने की मांग की।
इस संबंध में जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी ने टाटा स्टील के महाप्रबंधक (ओएमक्यू) देवाशीष जेना को पत्र सौंपा। पत्र में कहा गया कि नोवामुंडी और आसपास का क्षेत्र दुर्गम एवं वनवासी क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण, आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार रहते हैं। ऐसे में अस्पताल के शुल्क में बढ़ोतरी से जरूरतमंद मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने विशेष रूप से चिकित्सक से परामर्श लेने के शुल्क में करीब छह से सात गुना वृद्धि का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत रखने वाले गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए इतनी अधिक फीस देना मुश्किल है। इसलिए मरीजों के हित में पुरानी दर को फिर से लागू किया जाना चाहिए।
इस मामले को लेकर हुई बैठक में टाटा स्टील के महाप्रबंधक (ओएमक्यू) देवाशीष जेना ने आश्वासन दिया कि बहुत जल्द टाटा मेन अस्पताल, नोवामुंडी में रजिस्ट्रेशन फीस पूर्व में ली जा रही दर के अनुसार निर्धारित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल से प्राप्त राशि से टाटा स्टील कंपनी का संचालन नहीं होता है। अस्पताल की आय मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में खर्च की जाती है।
बैठक में टाटा स्टील प्रबंधन की ओर से एचआर चंदन साहू मौजूद रहे। वहीं जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी, उप प्रमुख ज्योति दास, किरीबुरू पश्चिमी पंचायत की मुखिया पार्वती किड़ो, मेघाहातुबुरु दक्षिणी पंचायत की मुखिया प्रफुल्लित ग्लोरिया और मेघाहातुबुरु उत्तरी पंचायत की मुखिया लिपि मुंडा भी उपस्थित थीं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रबंधन के आश्वासन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन फीस पुरानी दर पर होने से नोवामुंडी और आसपास के क्षेत्र के मरीजों को राहत मिलेगी।

