चाईबासा: झारखंड मजदूर संघर्ष संघ (झामसंसं) मेघाहातुबुरु इकाई के महासचिव अफताब आलम उर्फ लाल भाई पिछले दो दिनों से वायरल बुखार और बीमारी के कारण सेल के किरीबुरू जेनरल अस्पताल में इलाजरत हैं। इसकी जानकारी मिलने पर झामसंसं के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे अपने साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे और अफताब के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
अफताब का हाल जानने के दौरान रामा पाण्डे ने अस्पताल की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सेल का किरीबुरू-मेघाहातुबुरु जेनरल सह रेफरल अस्पताल कई समस्याओं से जूझ रहा है। अस्पताल भवन के कई हिस्सों में पानी का रिसाव और सीलन के कारण दीवारें काली पड़ गई हैं। मुख्य प्रवेश द्वार का छज्जा भी जर्जर है, जिससे कभी भी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
उन्होंने अस्पताल के अंदर बंदरों के आने-जाने पर भी चिंता जताई। रामा पाण्डे के अनुसार बंदर मरीजों के बेड तक पहुंचकर खाने-पीने का सामान लेकर भाग जाते हैं। उन्होंने कहा कि इलाजरत मरीजों के बीच बंदरों का पहुंचना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में साफ-सफाई अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन कंबल, तकिया और खिड़कियों के पर्दों की स्थिति खराब है। उन्होंने किरीबुरू अस्पताल की तुलना गुवा अस्पताल से करते हुए कहा कि गुवा अस्पताल के वार्डों में एसी के साथ भवन, बेड, पर्दे और साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर है। ऐसे में रेफरल अस्पताल की सुविधाएं भी बेहतर होनी चाहिए।
मौके पर रामा पाण्डे ने सेल किरीबुरू के महाप्रबंधक अमित बिस्वास से फोन पर बातचीत कर अस्पताल की समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने महाप्रबंधक से अस्पताल पहुंचकर स्वयं निरीक्षण करने और समस्याओं का तत्काल समाधान कराने का आग्रह किया।
इस दौरान किरीबुरू इकाई के महासचिव राजेन्द्र सिंद्रीया, सुनील पासवान, मुन्ना राउत, जगजीत सिंह गिल, कुलदीप सिंह, दयानंद कुमार, राज नारायण शर्मा, अफताब आलम उर्फ लाल भाई, रितेश पाणिग्राही, गब्बर, गुड्डू समेत अन्य लोग मौजूद थे।

