रांची: 12 रबी अल-अव्वल के मौके पर जश्न-ए-विलादत-ए-रसूल के अवसर पर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने राज्यवासियों, खासकर मुस्लिम समुदाय को दिली मुबारकबाद और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हजरत मुहम्मद मुस्तफा की विलादत पूरी इंसानियत के लिए अल्लाह की बड़ी नेमत है। उनकी सीरत और तालीमात दुनिया को अमन, मोहब्बत, भाईचारे, इंसाफ और इंसानियत का संदेश देती हैं।
हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि पैगंबर-ए-अकरम ने लोगों को रंग, नस्ल, भाषा, कबीले और दौलत के आधार पर भेदभाव से दूर रहने और तकवा, अच्छे अखलाक तथा इंसानियत की बुनियाद पर एक-दूसरे का सम्मान करने की शिक्षा दी। उनकी सीरत-ए-तय्यबा समाज के कमज़ोर, गरीब, यतीम, बेवा, मिस्कीन और जरूरतमंद लोगों की मदद करने तथा हर व्यक्ति के साथ न्याय और अच्छे व्यवहार की सीख देती है।
उन्होंने कहा कि मिलादुन्नबी मनाने का वास्तविक उद्देश्य केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि पैगंबर की शिक्षाओं को अपनी ज़िंदगी में उतारना भी है। सच्चाई, ईमानदारी, सब्र, बर्दाश्त, मोहब्बत और भाईचारे जैसी खूबियां समाज को मजबूत बनाती हैं। मौजूदा दौर में इन मूल्यों को अपनाकर नफरत, हिंसा और आपसी वैमनस्य को कम किया जा सकता है और समाज में अमन, सहिष्णुता और आपसी सम्मान को बढ़ावा दिया जा सकता है।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि नौजवानों को सीरत-ए-रसूल, अच्छे अखलाक और मानवीय मूल्यों से जोड़ना आज की अहम जरूरत है। युवा समाज का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें शिक्षा, बेहतर चरित्र, सकारात्मक सोच और समाजसेवा की दिशा में आगे बढ़ाना सामूहिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि घरों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक वातावरण में इन मूल्यों को बढ़ावा देने की ज़रूरत है।
हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि झारखंड की पहचान विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े लोगों के बीच आपसी मेल-जोल और सामाजिक समरसता से रही है। 12 रबी अल-अव्वल के इस मुबारक मौके पर सभी को नफरत और भेदभाव से दूर रहकर मोहब्बत, अमन, भाईचारे और एकता को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि मिलादुन्नबी के मौके पर धार्मिक भावनाओं के साथ इंसानियत की सेवा को भी प्राथमिकता दें। ज़रूरतमंदों की मदद, गरीबों और वंचित लोगों की देखभाल तथा समाज में अमन और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए काम किया जाए।
अंत में हिदायतुल्लाह खान ने झारखंड के सभी बाशिंदों को विलादत-ए-बासआदत हज़रत मुहम्मद मुस्तफा की मुबारकबाद देते हुए दुआ की कि अल्लाह तआला राज्य और देश में अमन-ओ-अमान, खुशहाली, भाईचारा और आपसी मोहब्बत कायम रखें और सभी को पैगंबर-ए-करीम की सीरत पर अमल करने की तौफीक दें। उन्होंने कहा कि हजरत मुहम्मद की जिंदगी पूरी इंसानियत के लिए बेहतरीन नमूना है और उनकी तालीमात पर अमल से ही एक शांतिपूर्ण, नैतिक और न्यायपूर्ण समाज की बुनियाद मजबूत की जा सकती है।

