चाईबासा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार पश्चिमी सिंहभूम जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) की ओर से 60 दिवसीय मेगा अभियान के तहत चक्रधरपुर प्रखंड की सीलफोड़ी पंचायत के गांवों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा मौहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
अभियान के दौरान डीएलएसए के अधिकार मित्रों ने पंचायत प्रांगण में ग्रामीण मुंडा, वार्ड सदस्य और ग्रामीणों को नालसा, नई दिल्ली की ओर से संचालित 13 योजनाओं की जानकारी दी। इसके बाद अधिकार मित्रों ने डोर-टू-डोर जाकर ग्रामीणों से संपर्क किया और उन्हें विभिन्न कानूनी प्रावधानों एवं विधिक सहायता योजनाओं के बारे में बताया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने कई कानूनी विषयों से जुड़े सवाल पूछे। अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों के सवालों का समुचित जवाब देते हुए उन्हें सामान्य कानूनी जानकारी दी। साथ ही जरूरतमंद लोगों को विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से मिलने वाली सहायता के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस दौरान नालसा की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। इनमें मानव तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों के लिए कानूनी सेवाएं योजना, 2015 की जानकारी प्रमुख रूप से दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि यह योजना मानव तस्करी से बचाई गई महिलाओं और बच्चों को कानूनी सहायता और न्याय दिलाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
अधिकार मित्रों ने बताया कि योजना के तहत पीड़ितों को एफआईआर दर्ज कराने, संरक्षण, परामर्श और मुआवजे की प्रक्रिया में सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जरूरत के अनुसार पीड़ित को न्यायालय में बयान देने के लिए अलग कमरे और महिला अधिवक्ता की सुविधा भी उपलब्ध कराने का प्रावधान है, ताकि पीड़ित बिना भय के अपनी बात रख सके।
अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों से किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करने की अपील की। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सरकारी विधिक सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।

