Breaking
Tue. Aug 25th, 2026

युवाओं के विचारों को कारोबार में बदलने में सरकार देगी हरसंभव सहयोग : मनीष कुमार

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिले के युवाओं में नई सोच और प्रतिभा की भरपूर क्षमता है। जरूरत इस बात की है कि उनके विचारों को सही मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर व्यावसायिक रूप दिया जाए। सरकार युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध करा रही है। युवा नौकरी खोजने के साथ रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में भी आगे बढ़ें।

उपायुक्त मंगलवार को जिला उद्योग कार्यालय की ओर से सैफरन रेस्टोरेंट के सभागार में आयोजित तेजस कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का उद्देश्य जिले के युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी देना था। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त मनीष कुमार ने उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, चाईबासा चैंबर ऑफ कॉमर्स के संजय चौबे और छोटेलाल तामसोय के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

मनीष कुमार ने कहा कि बदलते समय में युवाओं के लिए उद्यमिता रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों, बाजार की मांग और तकनीक का बेहतर इस्तेमाल कर युवा छोटे स्तर से अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नए उद्यमियों को वित्तीय सहायता और जरूरी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। युवाओं को इन योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाना चाहिए।

कार्यशाला में मौजूद युवाओं और उद्यमियों को स्टार्टअप की शुरुआत से लेकर व्यवसाय को आगे बढ़ाने तक की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने व्यवसायिक विचार को बेहतर बनाने, प्रभावी व्यवसाय योजना तैयार करने, नवाचार को अपनाने, वित्तीय संसाधन जुटाने और बाजार की जरूरत को समझने से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। प्रतिभागियों को सरकार की स्वरोजगार और उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम में जिला उद्योग पदाधिकारी रवि शंकर, जिला मत्स्य पदाधिकारी नवीन कुमार, इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य, जिडको के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और उद्यमी उपस्थित रहे। कार्यशाला में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी रही।

अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता की व्यावहारिक जानकारी मिलती है। इससे जिले में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। कार्यशाला के माध्यम से युवाओं को अपने कौशल और नए विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

Related Post