जमशेदपुर: कभी-कभी एक खबर सिर्फ खबर नहीं रहती, बल्कि किसी परिवार के लिए उम्मीद की किरण बन जाती है। जमशेदपुर में कुछ ऐसा ही हुआ है।
मीडिया की पहल और मानगो गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान एवं समाजसेवी इन्दर सिंह इन्दर के प्रयासों से दिवंगत हरभजन सिंह के परिजनों का आखिरकार पता चल गया है। मानगो के माधो बाग कॉलोनी में रह रहीं उनकी पत्नी बीबी चरणजीत कौर को अब अपने पति के लंबित मुआवजे की उम्मीद जगी है।
परिजनों की तलाश में गुरचरण सिंह और संत कुटिया गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के पदाधिकारियों ने भी सहयोग किया। वर्षों से पति के मुआवजे की जानकारी का इंतजार कर रहीं चरणजीत कौर ने इन्दर सिंह इन्दर और उन सभी पत्रकारों का आभार जताया, जिन्होंने इस मामले को प्रमुखता से उठाया।
वहीं, इन्दर सिंह इन्दर ने कहा कि परिवार तक पहुंचना उनके लिए आत्मिक संतुष्टि का विषय है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रयास में मीडिया की भूमिका बेहद अहम रही और पत्रकारिता तभी सार्थक है, जब उसकी आवाज जरूरतमंद तक न्याय और मदद पहुंचाए।
ओडिशा के संबलपुर आरटीओ कार्यालय में पदस्थापित आचार्यजी ने भी इन्दर सिंह इन्दर से संपर्क कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है।
गौरतलब है कि संबलपुर निवासी सरदार हरभजन सिंह का वर्ष 2023 में निधन हो गया था। परिजनों का पता नहीं चल पाने के कारण सरकारी मुआवजा उनके हकदार तक नहीं पहुंच पा रहा था। अब परिवार मिलने के बाद उम्मीद है कि मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
यह कहानी सिर्फ एक परिवार के मिलने की नहीं, बल्कि इस बात की मिसाल है कि जब मीडिया, समाजसेवी और समाज के लोग मिलकर इंसानियत के लिए प्रयास करते हैं, तो वर्षों से बंद उम्मीद का दरवाजा भी खुल सकता है।

