जमशेदपुर। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर 26 अगस्त को जमशेदपुर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाएगा। इसे लेकर तंजीम अहले सुन्नत जमात ने जुलूस में शामिल होने वाले लोगों और वालेंटियरों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। तंजीम के अनुसार जुलूस की व्यवस्था और यातायात नियंत्रण में 500 से अधिक वालेंटियर तैनात रहेंगे। सभी वालेंटियर सेफ्टी टी-शर्ट और आईडी कार्ड के साथ व्यवस्था संभालेंगे। उन्हें आम लोगों की सुविधा का ध्यान रखने तथा एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए तत्काल रास्ता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
तंजीम के अध्यक्ष ने अपील की है कि जुलूस में बाइक और छोटी गाड़ियों को पैदल चल रहे लोगों के पीछे रखा जाए। किसी भी वाहन को आगे निकलने की कोशिश नहीं करनी है। युवाओं से बाइक पर स्टंट नहीं करने, निर्धारित मार्ग पर ही चलने और एक बाइक पर अधिकतम दो लोगों के सवार होने की अपील की गई है। जुलूस में सबसे आगे उलेमा-ए-कराम रहेंगे, जबकि उनके पीछे आम लोग शामिल होंगे। मानगो गांधी मैदान के पास रोड नंबर एक के सामने बैरियर भी लगाया जाएगा।
जुलूस-ए-मोहम्मदी 26 अगस्त को सुबह 8:30 बजे के बाद मानगो गांधी मैदान से शुरू होगा। मानगो क्षेत्र के लोगों से निर्धारित समय पर गांधी मैदान पहुंचने की अपील की गई है। दोपहर करीब 12 बजे साकची आमबगान मैदान में उलेमा-ए-कराम की तकरीर होगी। इसके बाद जुलूस साकची गोलचक्कर से स्टेट माइल रोड, जुस्को ऑफिस गोलचक्कर होते हुए धातकीडीह सेंटर मैदान पहुंचेगा। यहां तकरीर, सलातो सलाम और दुआ के बाद दोपहर 2:30 बजे जुलूस का समापन किया जाएगा।
परसुडीह, मकदमपुर और जुगसलाई के जुलूस बिष्टुपुर मुख्य मार्ग से होते हुए धातकीडीह की ओर पहुंचेंगे। वहीं टेल्को, गोलमुरी, साकची, शास्त्रीनगर, सोनारी, धातकीडीह, बिष्टुपुर, रामदास भट्टा और न्यू रानीकुदर के जुलूस सीधे आमबगान मैदान पहुंचकर मुख्य जुलूस में शामिल होंगे। जुलूस समाप्त होने के बाद छोटी गाड़ियां एम-2 गोलचक्कर से मुड़कर उसी मार्ग से अपने स्थानों की ओर लौटेंगी।
तंजीम ने जुलूस में धार्मिक बैनरों का सम्मान करने की अपील की है। जिन बैनरों पर अल्लाह और पैगंबर हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का नाम लिखा हो, उन पर बैठने या उन्हें सड़क पर फेंकने से बचने को कहा गया है। लंगर और खाने-पीने की सामग्री बांटने वालों से सड़क पर खाना नहीं गिराने और भोजन की बर्बादी रोकने की अपील की गई है। साथ ही तेज आवाज में साउंड सिस्टम नहीं बजाने, जुलूस में नाचने, स्टंट करने या किसी तरह की अनुचित गतिविधि से बचने की हिदायत दी गई है।
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर लोगों से घरों और प्रतिष्ठानों में खुशी का इजहार करने तथा कारोबार और दुकानें बंद रखने की अपील की गई है। धातकीडीह की मक्का मस्जिद में जोहर की नमाज के लिए दो जमात होंगी। पहली जमात दोपहर एक बजे और दूसरी जमात दोपहर तीन बजे होगी। तंजीम की ओर से जुलूस के समापन के बाद धातकीडीह सामुदायिक मैदान में अकीदतमंदों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई है।

