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Fri. Aug 21st, 2026

मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीएलए-2 व वार्ड पार्षदों के साथ बैठक

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 को लेकर चाईबासा एवं चक्रधरपुर शहरी क्षेत्र के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 एवं वार्ड पार्षदों के साथ बैठक हुई। बैठक में दावा-आपत्ति, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मतदाता विवरण में सुधार तथा नो-मैप्ड मतदाताओं को जारी किए जा रहे नोटिस से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई।

बैठक में उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाए रखना निर्वाचन प्रक्रिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इस कार्य में प्रशासन के साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, बीएलए-2, वार्ड पार्षदों एवं आम मतदाताओं की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्र में मतदाताओं को जागरूक करने तथा विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

*15 सितंबर तक चलेगा दावा-आपत्ति और नाम जोड़ने का कार्य*

बैठक में बताया गया कि विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची में दावा-आपत्ति दर्ज करने तथा पात्र नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी। उपायुक्त ने सभी मतदाताओं से 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में अपना और परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम जांचने की अपील की।

उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के सभी मतदाताओं का नाम, जहां संभव हो, एक ही मतदान केंद्र से संबंधित होना सुनिश्चित किया जाए। मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार कराया जा सकता है।

*प्रपत्र-8 के माध्यम से करा सकते हैं सुधार*

उपायुक्त ने बताया कि मतदाता सूची में किसी प्रकार की विसंगति अथवा विवरण में सुधार की आवश्यकता होने पर संबंधित मतदाता प्रपत्र-8 भरकर अपने बूथ लेवल ऑफिसर के पास जमा कर सकते हैं। पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, स्थानांतरण एवं आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।

उन्होंने बीएलए-2 एवं वार्ड पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्र में मतदाता सूची का अवलोकन करने और पात्र नागरिकों को आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।

*नो-मैप्ड मतदाताओं को जारी नोटिस पर स्थिति स्पष्ट*

बैठक में नो-मैप्ड मतदाताओं को जारी किए जा रहे नोटिस के संबंध में भी जानकारी दी गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि नोटिस मिलने मात्र से किसी मतदाता को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। यह प्रक्रिया मतदाता के मताधिकार को सुरक्षित रखने और मतदाता सूची के सत्यापन से संबंधित है।

उन्होंने बताया कि नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को नोटिस के जवाब में अलग से कोई प्रपत्र भरने की आवश्यकता नहीं है। नोटिस में उल्लिखित या संलग्न दस्तावेजों में से निर्धारित कोई एक वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से नोटिस मिलने पर घबराने या अफवाहों पर विश्वास करने के बजाय संबंधित निर्वाचन पदाधिकारी अथवा बीएलओ से संपर्क कर सही जानकारी प्राप्त करने की अपील की।

मनीष कुमार ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। नो-मैप्ड मतदाताओं को जारी नोटिस की प्रक्रिया इसी उद्देश्य से है। संबंधित मतदाता समय पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें।

*अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील*

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं वार्ड पार्षदों से मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित किसी भी अपुष्ट सूचना अथवा अफवाह को प्रसारित नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को सही एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

आम नागरिकों से भी मतदाता सूची से संबंधित जानकारी के लिए केवल अधिकृत माध्यमों पर भरोसा करने की अपील की गई। किसी प्रकार की समस्या, संशय अथवा शिकायत होने पर बूथ लेवल ऑफिसर, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। निर्वाचन संबंधी जानकारी एवं सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से निर्धारित अवधि के भीतर मतदाता सूची में अपना एवं परिवार के सदस्यों का नाम जांचने, आवश्यक सुधार कराने तथा पात्र नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। प्रशासन का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों का मताधिकार सुनिश्चित करते हुए शुद्ध, पारदर्शी, अद्यतन एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है।

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