Breaking
Tue. Aug 18th, 2026

भारी बारिश के बीच प्रोजेक्ट भवन के बाहर डटे JSSC CGL से चयनित कर्मचारी, सेवा बचाने को आंदोलन तेज करने की तैयारी

रांची। झारखंड सरकार की ओर से वर्ष 2014 से अब तक आयोजित JSSC और JPSC की परीक्षाओं की जांच और परीक्षाओं को लेकर लिए गए फैसले के बाद JSSC CGL के माध्यम से नियुक्त होकर विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। अपनी सेवाओं को सुरक्षित रखने की मांग को लेकर सैकड़ों नवचयनित कर्मचारी मंगलवार को तेज बारिश के बावजूद रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटे रहे।

कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर सोमवार देर रात से ही प्रोजेक्ट भवन के बाहर मौजूद हैं। मंगलवार को राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थापित उनके अन्य साथी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। बारिश के बीच कर्मचारियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद की और नियुक्तियों को प्रभावित नहीं करने की मांग रखी।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के बीच भविष्य को लेकर चिंता और असमंजस का माहौल है। उनका कहना है कि यदि किसी परीक्षा या चयन प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन पूरी प्रक्रिया में सफल होकर नियुक्त किए गए सभी अभ्यर्थियों को एक ही नजर से देखना उचित नहीं है।

कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी, चयन प्रक्रिया पूरी की और इसके बाद उन्हें सरकारी विभागों में नियुक्ति मिली। ऐसे में परीक्षा में संभावित गड़बड़ी के नाम पर उनकी वर्षों की मेहनत और नौकरी को खतरे में डालना उनके साथ अन्याय होगा। कर्मचारियों ने सरकार से उनकी सेवाओं को जारी रखने को लेकर स्पष्ट आश्वासन देने की मांग की है।

प्रदर्शनकारियों ने संकेत दिया है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाते रहेंगे और नौकरी बचाने के लिए आगे की रणनीति जल्द तय करेंगे।

Related Post