जमशेदपुर। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आंदोलनरत युवाओं के संघर्ष की सराहना की है। मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि तेज बारिश, सरकार की बेरुखी, लाठीचार्ज और धरना स्थल पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद झारखंड के युवाओं ने जिस अनुशासन और दृढ़ता के साथ आंदोलन जारी रखा, वह अभूतपूर्व है।
चंपाई सोरेन ने कहा कि छात्रों के लंबे और कठिन संघर्ष के दबाव में राज्य सरकार को झुकना पड़ा है, लेकिन इसे पूरी जीत नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से छात्रों के संघर्ष को गलत साबित करने, आंदोलन में फूट डालने, मुद्दे से भटकाने और आंदोलन को दबाने की कोशिशों को युवाओं को याद रखना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मामलों को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि अपने अधिकार और भविष्य की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस किए जाने चाहिए।
चंपाई सोरेन ने छात्र परीक्षा विवाद की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि राज्य के युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आने वाली पीढ़ियों को भी ऐसी परिस्थितियों और पीड़ा का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने आंदोलनरत छात्रों को संघर्ष के पहले चरण में मिली सफलता के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही उन्होंने इसे युवाओं द्वारा संघर्ष के जरिए हासिल की गई जीत करार दिया।

