धनबाद। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार सुबह अवैध कोयला कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए धनबाद जिले में दो दर्जन से अधिक संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई से अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई। ईडी की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग स्थानों पर पहुंची और दस्तावेजों के साथ अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच शुरू की।
छापेमारी के दौरान कई स्थानों पर ईडी अधिकारियों को विरोध और असामान्य परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ा। कारोबारी रणजीत सिंह के आवास पर मुख्य द्वार नहीं खुलने के कारण अधिकारियों को सीढ़ी के सहारे घर के भीतर प्रवेश करना पड़ा। वहीं, हरेंद्र चौहान के घर पर ईडी टीम के पहुंचते ही बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और अधिकारियों को अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया।
ईडी की कार्रवाई के दायरे में धनबाद नगर निगम के डिप्टी मेयर अरुण चौहान के भाई तथा धनबाद महानगर झामुमो के उपाध्यक्ष हरेंद्र चौहान का आवास भी शामिल रहा। लोयाबाद थाना क्षेत्र के कनकनी स्थित उनके घर पर सुबह करीब साढ़े पांच बजे ईडी की टीम पहुंची। बताया गया कि टीम पश्चिम बंगाल और रांची पंजीकरण वाली गाड़ियों से भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वहां पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया।
छापेमारी की सूचना मिलते ही हरेंद्र चौहान के समर्थक बड़ी संख्या में उनके आवास के बाहर एकत्र हो गए। महिलाओं और पुरुषों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी की तथा घर के भीतर जाने की मांग उठाई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों ने समझाइश के बाद कुछ महिलाओं को घर के अंदर जाने की अनुमति दी। इस दौरान कुछ ग्रामीणों और समर्थकों ने आरोप लगाया कि ईडी अधिकारी अपने साथ कई बैग लेकर घर में दाखिल हुए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि उनके नेता को साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की जा सकती है।
आवास के बाहर पूरे समय समर्थकों की भीड़ और विरोध प्रदर्शन जारी रहा, जबकि ईडी के अधिकारियों ने मीडिया से किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। समाचार लिखे जाने तक सभी चिन्हित ठिकानों पर तलाशी, दस्तावेजों की जांच और अन्य आवश्यक कार्रवाई जारी थी।

