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Wed. Jul 15th, 2026

सर्पदंश से बचाव के लिए सतर्क रहें, झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल जाएं: उपायुक्त मनीष कुमार

चाईबासा: बरसात के मौसम में पश्चिमी सिंहभूम जिले में सर्पदंश की घटनाओं की आशंका को देखते हुए जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार ने जिलेवासियों से सतर्क रहने और समय पर चिकित्सकीय उपचार लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सावधानी और समय पर इलाज से सर्पदंश के अधिकांश मामलों में लोगों की जान बचाई जा सकती है।

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि बरसात के दौरान लोग यथासंभव जमीन पर सोने से बचें और पलंग या चारपाई का उपयोग करें। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, जिससे सर्पदंश के साथ-साथ मच्छरों से होने वाली बीमारियों से भी बचाव हो सके। उन्होंने लोगों से अपने घर और आसपास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने तथा कूड़ा-कचरा और झाड़ियों का अनावश्यक जमाव नहीं होने देने की अपील की, ताकि सांपों के छिपने की संभावना कम हो।

उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में खेतों, जंगलों और खुले स्थानों पर नंगे पैर नहीं जाना चाहिए। बाहर निकलते समय जूते या मजबूत चप्पल पहनें तथा विशेषकर रात में टॉर्च और आवश्यकता अनुसार लाठी साथ रखें। इससे संभावित खतरे से बचा जा सकता है।

मनीष कुमार ने कहा कि यदि कहीं सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे पकड़ने का प्रयास करें। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग की रेस्क्यू टीम को दें। प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से सांप का रेस्क्यू कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सर्पदंश हो जाए तो झाड़-फूंक, अंधविश्वास या घरेलू उपचार के भरोसे समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। पीड़ित को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश के इलाज के लिए एंटी स्नेक वेनम सहित आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध हैं और प्रशिक्षित चिकित्सक नियमित रूप से मरीजों का उपचार कर रहे हैं।

उपायुक्त ने कहा कि सर्पदंश के मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। उपचार में देरी होने पर जान का खतरा बढ़ जाता है, जबकि समय पर अस्पताल पहुंचने से अधिकांश मरीजों का सफल इलाज संभव है।

उन्होंने जिलेवासियों से सर्पदंश से बचाव और उसके वैज्ञानिक उपचार की सही जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक जागरूकता, सतर्कता और समय पर उपचार से सर्पदंश के कारण होने वाली जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

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