चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित “प्रोजेक्ट जागृति: बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम” के तहत आयोजित विशेष रक्तदान अभियान में जिले ने नई उपलब्धि हासिल की है। जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में एक ही दिन आयोजित रक्तदान शिविरों के माध्यम से 400 यूनिट से अधिक रक्त का संग्रह किया गया। इसे जिले में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और जनसहभागिता का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
जिले के सदर अस्पताल चाईबासा, अनुमंडल अस्पताल चक्रधरपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खूंटपानी, नोआमुंडी, सोनुवा और मनोहरपुर में रक्तदान शिविर लगाए गए। शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा में अपनी भागीदारी निभाई।
रक्तदान अभियान में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी, जिला शिक्षा कार्यालय के शिक्षक, जेएसएलपीएस की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, विकास शाखा के कर्मी, जिला कृषि कार्यालय के कर्मचारी, गोपनीय शाखा के कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग के डीडीएम, महामारी रोग विशेषज्ञ, रक्त केंद्र प्रभारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी तथा अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। इसके अलावा युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का सबसे बड़ा मानवीय कार्य है। उन्होंने कहा कि जिलेवासियों ने जिस सेवा भावना के साथ रक्तदान किया है, वह पश्चिमी सिंहभूम की सामाजिक एकजुटता और मानवीय मूल्यों का परिचायक है।
उन्होंने कहा कि जिले के रक्तदाताओं के सहयोग से पश्चिमी सिंहभूम “रक्त युक्त जिला” बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रत्येक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद मरीज के लिए अमूल्य जीवनदान है। उन्होंने जिलेवासियों से समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान कर इस अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले में किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी लक्ष्य को लेकर “प्रोजेक्ट जागृति: बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम” के तहत नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।
जिला प्रशासन ने सभी रक्तदाताओं, सहयोगी संस्थाओं, स्वास्थ्य विभाग की टीम, स्वयंसेवी संगठनों तथा अभियान को सफल बनाने वाले सभी विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार जनसहयोग की अपेक्षा जताई।

