चाईबासा: झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबे समय से चोरी और डकैती की वारदातों को अंजाम देकर पुलिस के लिए चुनौती बने कुख्यात अंतरराज्यीय अपराधी मोहम्मद नफीस को सोमवार तड़के ओडिशा के क्योंझर जिले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, माल बरामदगी के दौरान नफीस ने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में की गई पुलिस की कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद उसे दोबारा हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव निवासी मोहम्मद नफीस के खिलाफ झारखंड और ओडिशा के विभिन्न थानों में चोरी और डकैती के 25 से 30 मामले दर्ज हैं। हाल ही में उसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने स्वीकार किया था कि चोरी का कीमती सामान ओडिशा के चंपुआ थाना क्षेत्र स्थित पटला जंगल में छिपाकर रखा गया है। इसी सूचना के आधार पर सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे पुलिस उसे सामान बरामद कराने जंगल लेकर पहुंची थी।
जंगल में पहुंचते ही नफीस ने सामान निकालने का बहाना बनाया और पहले से छिपाकर रखी देसी पिस्तौल निकालकर पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी। अचानक हुए हमले के बाद उसने जंगल और धुंध का फायदा उठाकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली उसके दाहिने घुटने में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। घटनास्थल से हमले में प्रयुक्त देसी पिस्तौल और कारतूस के खोखे भी बरामद किए गए।
घायल नफीस को पहले चंपुआ के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए उसे क्योंझर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वह लंबे समय से क्योंझर और मयूरभंज सहित सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था और चोरी का सामान जंगलों में छिपाकर रखता था।
इस घटना के बाद चंपुआ थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत नया मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय इस शातिर अपराधी की गिरफ्तारी कानून-व्यवस्था की दृष्टि से बड़ी सफलता मानी जा रही है तथा उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।

