जमशेदपुर। बिष्टुपुर में युवा हिमांशु सिंह की हत्या के बाद राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी जमशेदपुर महानगर ने इस मामले में प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद किया जाएगा। इसके पहले 2 जुलाई को शहर के सभी मंडल क्षेत्रों में मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
बुधवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुई हत्या ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी का आरोप है कि जमशेदपुर में हत्या, लूट, चोरी, चाकूबाजी, अवैध नशे और अन्य आपराधिक गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
भाजपा ने प्रशासन से मांग की है कि हिमांशु सिंह हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए। साथ ही घटना के दौरान मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। पार्टी ने यह भी मांग की कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जाए और शहर में अपराध व अवैध गतिविधियों पर विशेष अभियान चलाकर कानून का राज स्थापित किया जाए।
मीडिया से बातचीत में भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर सरकार नशा मुक्ति अभियान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने और देर रात तक उन्हें खुला रखने जैसे फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण अपराधियों और नशे के कारोबारियों का मनोबल बढ़ा है।
संजीव सिन्हा ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में एक युवक की हत्या हो जाना प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट उदाहरण है। उनका कहना था कि यदि अपराधियों में कानून का भय होता तो ऐसी घटना नहीं होती। उन्होंने दोहराया कि भाजपा हिमांशु सिंह को न्याय दिलाने और शहर में बेहतर कानून-व्यवस्था बहाल कराने के लिए आंदोलन जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने जनभावनाओं की अनदेखी की तो भाजपा जनता के सहयोग से व्यापक आंदोलन करेगी। पार्टी का दावा है कि 3 जुलाई का प्रस्तावित जमशेदपुर बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी।

