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बिष्टुपुर हत्याकांड के बाद बड़ी कार्रवाई, थाना प्रभारी आलोक दुबे निलंबित, निरंजन कुमार बने नए प्रभारी

जमशेदपुर। शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडेय ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार के सामने हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड और उसी घटना में प्रत्युष कुमार पर हुए जानलेवा हमले के बाद बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय समीक्षा में थाना स्तर पर लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।

एसएसपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार पुलिस निरीक्षक निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाना का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं गोलमुरी यातायात थाना प्रभारी कुमार सरयू आनंद को बर्मामाइंस थाना का नया प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा बिष्टुपुर साइबर थाना के प्रभारी मो. कुदूस को गोलमुरी यातायात थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार शहर में बढ़ते अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। खास तौर पर बिष्टुपुर और बर्मामाइंस थाना क्षेत्रों में सोमवार को हुई गंभीर आपराधिक घटनाओं ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। बिष्टुपुर में हिमांशु सिंह की हत्या और प्रत्युष कुमार पर जानलेवा हमला, जबकि बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में ट्रक चालक के साथ हथियार के बल पर लूटपाट की घटना के बाद दोनों थाना क्षेत्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।

गौरतलब है कि बिष्टुपुर हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे थे। प्रारंभिक जांच में गश्ती दल की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई थी। इसके बाद घटनास्थल पर ड्यूटी पर मौजूद एएसआई रतन कुमार दास, एएसआई राजेश कुमार रंजन तथा आरक्षी मनोज कुमार को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई कर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है और जांच में जो भी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शहर में अपराध नियंत्रण के लिए गश्त, वाहन जांच और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी भी बढ़ाई जा रही है।

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