चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भारत आदिवासी पार्टी के पश्चिमी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुशील बारला ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मनोहरपुर सीएचसी “नाम बड़े और दर्शन छोटे” वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है।
सुशील बारला ने आरोप लगाया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभागीय उदासीनता के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से अस्पताल में सिजेरियन सेवा बंद है। वहीं अल्ट्रासाउंड मशीन भी उपयोग के अभाव में सिर्फ शोपीस बनकर रह गई है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ और प्रशिक्षित सर्जन की कमी है, जिसके कारण मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा ऑक्सीजन प्लांट भी केवल दिखावा बनकर रह गया है।
सुशील बारला ने कहा कि मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए राउरकेला सरकारी अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने स्थानीय सांसद, विधायक और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की स्थिति में सुधार के लिए गंभीर पहल करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मनोहरपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और आम जनता को स्वास्थ्य लाभ के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से लोगों को केवल वोट बैंक न समझने और स्वास्थ्य केंद्र में उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल सकारात्मक कदम उठाने की अपील की।

