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Thu. May 14th, 2026

यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का स्वागत

जमशेदपुर। सवर्ण महासंघ फाउंडेशन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डी.डी. त्रिपाठी ने यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन एक्ट 2026 को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए अंतरिम आदेश का गुरुवार को स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की पीठ द्वारा एक्ट पर रोक लगाने का निर्णय न्याय व्यवस्था में लोगों के विश्वास को मजबूत करने वाला कदम है।

त्रिपाठी ने कहा कि किसी भी कानून का उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और संतुलन बनाए रखना होना चाहिए। उनका मानना है कि यदि किसी व्यवस्था या कानून से किसी वर्ग विशेष के प्रति भेदभाव या असमानता की आशंका उत्पन्न होती है, तो उस पर न्यायिक समीक्षा आवश्यक हो जाती है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश देकर इस मामले में सभी पक्षों को सुनने और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने की दिशा में कदम उठाया है।

उन्होंने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करती है और किसी भी समुदाय या वर्ग के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। त्रिपाठी ने कहा कि सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि नीतियां और कानून संतुलित दृष्टिकोण के साथ बनाए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति या वर्ग के साथ शोषण या अन्याय होता है तो उसे संरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन कानून ऐसा हो जो सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण और निष्पक्ष हो। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप बताया।

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