जमशेदपुर। शहर में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिले में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रही है। प्रशासन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में लोगों द्वारा जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने के कारण कई पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ी, जिससे अस्थायी दबाव की स्थिति बनी।
इस संबंध में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में तेल कंपनियों के प्रतिनिधि, पेट्रोल पंप संचालक और पेट्रोल पंप एसोसिएशन के सदस्य शामिल हुए। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न तेल कंपनियों के एरिया मैनेजर भी मौजूद रहे।
बैठक में जिले की ईंधन आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की गई। तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की सप्लाई नियमित रूप से जारी है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, अफवाहों के कारण बीते दो दिनों में सामान्य दिनों की तुलना में पेट्रोल पंपों पर लगभग दोगुनी बिक्री दर्ज की गई।
उपायुक्त राजीव रंजन ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन खरीदें। उन्होंने कहा कि अनावश्यक खरीदारी से व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बनता है। साथ ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया गया कि किसी भी व्यक्ति को बोतल या अन्य खुले कंटेनर में तेल नहीं दिया जाए।
वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने भी लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों पर भीड़ और अव्यवस्थित तरीके से वाहनों की कतार लगाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल प्रशासनिक स्रोतों से जारी सूचनाओं को ही मानें।
बैठक में प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को यह भी निर्देश दिया कि वे अपने परिसरों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों को सही जानकारी देते रहें। तेल कंपनियों को सप्लाई चेन पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा गया है। प्रशासन ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स और अन्य डिजिटल माध्यमों से जुड़े लोगों को भी भ्रामक सूचनाएं प्रसारित नहीं करने की चेतावनी दी है। वहीं मीडिया प्रतिनिधियों से तथ्यात्मक खबरों के जरिए लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया गया।

