रांची। रांची रेलवे स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रेन से 13 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 6.50 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई रेलवे परिसर और ट्रेनों में लगातार चलाए जा रहे विशेष सुरक्षा एवं जांच अभियान के दौरान की गई।
जानकारी के अनुसार, रांची मंडल के आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में आरपीएफ पोस्ट रांची और आरपीएफ टीम रांची के अधिकारी एवं जवान रांची रेलवे स्टेशन पर सघन जांच अभियान चला रहे थे। जांच कार्य का नेतृत्व उप निरीक्षक सूरज पांडे कर रहे थे।
इसी दौरान ट्रेन संख्या 18523 एक्सप्रेस के रांची स्टेशन पहुंचने पर कोच संख्या ए-2 में तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के क्रम में सीट संख्या 37 के नीचे एक हरे रंग का ट्रॉली बैग संदिग्ध अवस्था में लावारिस पड़ा मिला। काफी देर तक बैग के मालिक की पहचान नहीं होने पर आरपीएफ टीम को संदेह हुआ, जिसके बाद बैग की जांच की गई।
तलाशी के दौरान बैग के अंदर भूरे रंग के प्लास्टिक रैपर में लिपटे कई पैकेट मिले। प्रथम दृष्टया यह गांजा प्रतीत हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना तत्काल सहायक सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ मुरी एस.सी. सहाय को दी गई। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और उनकी निगरानी में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बैग की विस्तृत जांच की गई।
जांच के दौरान कुल 13 पैकेट बरामद हुए। डीडी किट से परीक्षण करने पर सभी पैकेटों में गांजा होने की पुष्टि हुई। इसके बाद सभी पैकेटों का वजन कराया गया, जिसमें कुल वजन 13 किलोग्राम पाया गया। आरपीएफ टीम ने गांजा को विधिवत जब्त कर लिया।
बताया गया कि जब्त मादक पदार्थ को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी थाना रांची को सौंप दिया गया है। अब जीआरपी इस मामले में यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा किसने ट्रेन में छोड़ा और इसे कहां से लाया जा रहा था तथा इसकी सप्लाई कहां होनी थी। रेलवे पुलिस सीसीटीवी फुटेज और यात्रियों की जानकारी के आधार पर जांच में जुट गई है।
इस कार्रवाई में आरपीएफ पोस्ट रांची के उप निरीक्षक सूरज पांडे, संजय कुमार तथा आरपीएफ टीम रांची के एएसआई अनिल कुमार, आर.के. सिंह, दिनेश प्रसाद और हेमंत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रेनों के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए आगे भी अभियान लगातार जारी रहेगा।

