चाईबासा: कोल्हान छात्र संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने शनिवार को कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति से मुलाकात कर टाटा कॉलेज के वर्तमान प्राचार्य डॉ अमर सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की हालिया सीनेट बैठक में डॉ अमर सिंह ने छात्र नेताओं के लिए “घूसखोरी” और “क्रिमिनल” जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
छात्र नेताओं ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी न केवल अनुचित है, बल्कि छात्र समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय एक शैक्षणिक संस्थान होने के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों का भी केंद्र होता है, ऐसे में किसी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा बिना प्रमाण इस तरह के आरोप लगाना गंभीर मामला है।
प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणी प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है और इससे विश्वविद्यालय की छवि पर भी असर पड़ता है। उन्होंने इसे पूरे छात्र समुदाय के आत्मसम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया।
छात्र संगठनों ने कुलपति के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई, छात्र नेताओं के सम्मान की रक्षा और भविष्य में ऐसी भाषा पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करना शामिल है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं होती है, तो छात्र समुदाय चरणबद्ध असहयोग आंदोलन शुरू कर सकता है। साथ ही, भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही गई।
कुलपति ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे।
मौके पर पूर्व छात्र नेता कार्तिक महतो, पूर्व पीजी छात्र संघ अध्यक्ष सनातन पिंगुआ, पूर्व सचिव छात्र संघ टाटा कॉलेज पिपुन बारीक और छात्र नेता अनुज पुरती सहित अन्य उपस्थित थे।

