जमशेदपुर। बुधवार को जदयू से जुड़े आनंद सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सरयू राय के नेतृत्व में हुए धरना और हस्ताक्षर अभियान ने रेलवे प्रशासन को झकझोर दिया है, जिसके चलते चक्रधरपुर डिवीजन के सीनियर डीसीएम को टाटानगर आकर सफाई देनी पड़ी।
आनंद सिंह ने कहा कि ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन अब व्यापक जनसमर्थन हासिल कर चुका है। इसकी शुरुआत 7 अप्रैल 2026 को टाटानगर स्टेशन परिसर में हुए धरना प्रदर्शन से हुई, जहां रेलवे प्रशासन ने पहले सख्ती दिखाते हुए धरनास्थल बदलने की कोशिश की। इसके बावजूद विधायक सरयू राय चिलचिलाती धूप में तीन घंटे तक डटे रहे, जिससे आम यात्रियों में आंदोलन के प्रति विश्वास बढ़ा।
उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल को रेल यात्री संघर्ष समिति द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस दौरान रेलवे अधिकारियों का रवैया असहयोगात्मक रहा, जिससे नाराजगी और बढ़ी। सरयू राय ने आरोप लगाया कि मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने के कारण यात्री ट्रेनें लगातार लेट हो रही हैं और आम जनता परेशान है।
आनंद सिंह के अनुसार, आंदोलन के बढ़ते दबाव का असर 27 अप्रैल को देखने को मिला, जब चक्रधरपुर डिवीजन के सीनियर डीसीएम को सड़क मार्ग से टाटानगर आना पड़ा। उन्होंने पंक्चुअलिटी में सुधार का दावा जरूर किया, लेकिन यात्रियों की समस्याएं अभी भी जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रेलवे प्रशासन ने जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, क्योंकि यह मुद्दा सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ है।

