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जमशेदपुर में “डिजास्टर रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी” पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, आपदा से निपटने के गुर सिखाए गए

जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित श्रीमती कुसुम कामानी ऑडिटोरियम में मंगलवार को “डिजास्टर रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी” विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय हाइब्रिड सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। वीमेन इन रोटरी इंटरनेशनल, नरभेराम हंसराज इंग्लिश स्कूल और सिविल डिफेंस जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से देश-विदेश के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), भारतीय मौसम विभाग (IMD) और क्रॉप्स (CROPC) के “लाइटनिंग रेजिलिएंट इंडिया” अभियान का समर्थन प्राप्त था, जिससे इसकी महत्ता और बढ़ गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धालभूम के एसडीओ अरनव मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन और सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर से ही बच्चों को प्रशिक्षित किया जाए तो वे न सिर्फ खुद सुरक्षित रहेंगे, बल्कि समाज को भी जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे आपदा जागरूकता अभियानों की भी जानकारी दी और सभी संस्थानों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की।

सेमिनार के दौरान डब्ल्यूआईआरआई की अध्यक्ष प्रीति सैनी ने “रेजिलिएंट माइंडसेट” पर विशेष सत्र लेते हुए मानसिक मजबूती और संकट के समय सकारात्मक सोच बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए केवल संसाधन ही नहीं, बल्कि मजबूत मानसिकता भी उतनी ही जरूरी होती है।

कर्नल प्रोफेसर संजय श्रीवास्तव ने बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के वैज्ञानिक तरीकों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि खुले मैदान में मोबाइल का उपयोग, पेड़ के नीचे खड़ा होना या धातु की वस्तुओं के पास रहना खतरनाक हो सकता है। वहीं, सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ प्रकाश कुमार गिरी ने ट्रैफिक नियमों के पालन और दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण सिविल डिफेंस के दया शंकर मिश्रा द्वारा सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और प्राथमिक उपचार का लाइव डेमोंस्ट्रेशन रहा। इस दौरान उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को आपात स्थिति में जीवन बचाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए, जिससे उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने का आत्मविश्वास मिला।

इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में अंबाजोगाई सिटी, ओवेरी डाउनटाउन, असोकोरो समेत विभिन्न शहरों और देशों के संगठनों की सहभागिता रही। साथ ही रोटरैक्ट क्लब ऑफ जमशेदपुर ह्यूमैनिटेरियंस ने सह-आयोजन कर कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, सिविल डिफेंस के सदस्यों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। सेमिनार के माध्यम से आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी प्रयास किया गया।

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