जमशेदपुर। शुक्रवार का दिन राष्ट्रीय राजनीति के लिए विवादों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच गुजर गया। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी नगर निकाय के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. पवन पांडेय ने शनिवार को बयान जारी कर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
डॉ. पांडेय ने कहा कि जब देश में महिला सशक्तिकरण की बात होती है तो सभी दल बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब महिलाओं को वास्तविक अधिकार देने की बारी आती है, तब कुछ दल पीछे हट जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक को पारित होने से रोकना न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि यह देश की आधी आबादी के साथ अन्याय भी है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि संसद और विधानसभाओं में उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले। ऐसे में यदि इस दिशा में ठोस कदम उठाने का प्रयास होता है और उसे बाधित किया जाता है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
डॉ. पांडेय ने यह भी कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और वे इस तरह के राजनीतिक व्यवहार को भली-भांति समझती हैं। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में जनता ऐसे निर्णयों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

