जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में पिछले महीने सड़क दुर्घटनाओं में 17 लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में यातायात एवं सड़क सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें दुर्घटनाओं के कारणों की गहन पड़ताल कर ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
समीक्षा में सामने आया कि मृतकों में अधिकांश दोपहिया चालक बिना हेलमेट वाहन चला रहे थे। उपायुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिना हेलमेट, तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाने और ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में सख्ती बरती जाए। बार-बार नियम तोड़ने वालों पर जुर्माने के साथ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई की जाए।
यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग और सड़क पर अनियंत्रित रूप से सवारी चढ़ाने-उतारने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए बस मालिकों की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया गया। बिना फिटनेस प्रमाणपत्र वाली एवं जर्जर गाड़ियों के संचालन पर भी कठोर कार्रवाई करने को कहा गया।
पूर्व से चिन्हित ब्लैक स्पॉट के साथ-साथ नए दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां चेतावनी संकेत, स्पीड ब्रेकर, बैरिकेडिंग और रोशनी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। स्कूल और कॉलेजों में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाने पर भी जोर दिया गया। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण थाना क्षेत्रों में भी नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
ड्रिंक एंड ड्राइव की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए उत्पाद विभाग को शराब दुकानों के आसपास निगरानी बढ़ाने और पुलिस को ब्रीथ एनालाइजर जांच तेज करने को कहा गया। हिट एंड रन मामलों में लंबित मुआवजा प्रकरणों की समीक्षा कर प्रभावित परिवारों को त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया। साथ ही सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले लोगों को गुड सेमैरिटन योजना के तहत ‘नेक व्यक्ति’ के रूप में सम्मानित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी शब्बा आलम अंसारी, एसपी ग्रामीण ऋषभ गर्ग, रेल एसपी अजीत कुमार, एसडीएम धालभूम अर्णव मिश्रा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राहुल आनंद, एडीसी संतोष गर्ग, डीटीओ धनंजय, एसडीओ घाटशिला सुनील चंद्र, डीएसपी ट्रैफिक, डीएसपी हेडक्वार्टर सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी तथा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा को लेकर अब लगातार निगरानी और परिणाम आधारित कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

