जमशेदपुर: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की स्वच्छ मुद्रा नीति के अंतर्गत बुधवार को बैंक ऑफ इंडिया की बिष्टुपुर स्थित जमशेदपुर शाखा परिसर में सिक्का वितरण एवं कटे-फटे नोट विनिमय मेला का सफल आयोजन किया गया। मेले में बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया और सिक्के प्राप्त करने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त व कटे-फटे नोटों का नियमानुसार विनिमय कराया।
मेले का उद्घाटन आरबीआई, रांची के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन प्रसाद सिंह ने किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत तेजी से एक विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए देश में स्वच्छ एवं अच्छी गुणवत्ता वाली मुद्रा का प्रचलन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक स्वच्छ मुद्रा के प्रसार को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने आम नागरिकों को नोटों एवं सिक्कों के सही उपयोग, उनके संरक्षण तथा स्वच्छ मुद्रा के महत्व के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि साफ-सुथरी और अच्छी स्थिति वाली मुद्रा न केवल लेन-देन को आसान बनाती है, बल्कि जालसाजी पर भी प्रभावी रोक लगाती है।
यह मेला आरबीआई की स्वच्छ मुद्रा नीति के तहत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को अच्छी गुणवत्ता वाले करेंसी नोट एवं सिक्के उपलब्ध कराना है। इस अभियान के अंतर्गत खराब, गंदे एवं कटे-फटे नोटों को चलन से बाहर कर उनके स्थान पर नए नोट जारी किए जाते हैं, जिससे मुद्रा की उपयोग अवधि बढ़ती है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रेम रंजन प्रसाद सिंह के अलावा पंकज मिश्रा, आंचलिक प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया जमशेदपुर, अजित कान्त, भूपेंद्र नारायण (उप आंचलिक प्रबंधक), रवि कान्त चौधरी, मुख्य प्रबंधक, जमशेदपुर मुख्य शाखा, संजीव कुमार चौधरी, अग्रणी जिला प्रबंधक, पूर्वी सिंहभूम तथा श्यामपद दास, करेंसी चेस्ट अधिकारी सहित कई वरिष्ठ बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मेले के दौरान नागरिकों में खासा उत्साह देखा गया और लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे उपयोगी बताया।

