जमशेदपुर: बुधवार की सुबह से ही पश्चिमी सिंहभूम शहर के प्रमुख नोवामुण्डी अंचलाधिकारी के निवास स्थान पर जांच एजेंसियों की टीम ने छापेमारी शुरू कर दी है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग के आरोपों की जांच के सिलसिले में की जा रही है। छापेमारी में स्थानीय पुलिस और राज्य सतर्कता विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, अंचलाधिकारी के खिलाफ पिछले कुछ महीनों से भ्रष्टाचार की शिकायतें आ रही थीं, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने मामले की गहन जांच शुरू की। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि अंचलाधिकारी ने सरकारी योजनाओं के तहत आवंटित भूमि और संपत्तियों के दुरुपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आज की छापेमारी सुबह लगभग 6 बजे शुरू हुई, जिसमें अधिकारियों ने अंचलाधिकारी के निवास पर दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तलाशी ली। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह छापेमारी महत्वपूर्ण सबूत जुटाने के उद्देश्य से की जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि हो सके। टीम ने कई फाइलें, कंप्यूटर और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज़ जब्त किए हैं।
इस छापेमारी की खबर शहर में तेज़ी से फैल गई और बड़ी संख्या में लोग अंचलाधिकारी के घर के बाहर इकट्ठा हो गए। लोग अंचलाधिकारी के खिलाफ लगे आरोपों पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ का मानना है कि यह कार्रवाई प्रशासनिक सुधार के लिए एक बड़ा कदम है, जबकि कुछ अन्य इसे राजनीतिक साजिश के रूप में देख रहे हैं।
जांच एजेंसियों ने अब तक की कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन यह माना जा रहा है कि इस मामले में जल्द ही अंचलाधिकारी से पूछताछ की जा सकती है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो अंचलाधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
इस छापेमारी ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है, और शहर की निगाहें इस मामले के आगे के घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

