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बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र में संचालित मगध कोलियरी में सीसीएल की मनमर्जी के कारण ग्रामीणों के जान पर आफत आ गई है ।

बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र में संचालित मगध कोलियरी में सीसीएल की मनमर्जी के कारण ग्रामीणों के जान पर आफत आ गई है ।

मगध कोल परियोजना खुले 4 वर्ष से अधिक की जाने के बाद भी ग्रामीणों के आवागमन के लिए अलग रोड का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है । जिस कारण ग्रामीण ट्रांसपोटिंग रोड से सफर करते हैं । और दुर्घटना का शिकार होकर कभी अपना हाथ-पांव तुड़वा बैठते हैं तो कभी जान से भी हाथ धोना पड़ता है । मगध कोल परियोजना प्रतिदिन सैकड़ो गाड़ियों का परिचालन होता है । जिन पर तीरपाल नहीं ढका होने के कारण कोयले का डस्ट रोड पर गिरकर जम जाता है और पानी पड़ने पर वह कीचड़ और फिसलन जैसा हो जाता है ।वही त्रिपाल नहीं लगाने से बहुत डस्ट उड़ता है ।

जिससे और मैं गाड़ी चलाने में असुविधा होती है ।जिस कारण आए दिन दुर्घटना होती रहती है ।वही उड़ते डस्ट से ग्रामीण बीमार पड़ रहे है । इस मामले में सीसीएल प्रबंधक चुप्पी साधे बैठे हैं । इस मामले में ग्रामीणों ने संबंधित परिवहन विभाग से कारवाई की मांग की है । साथ ही साथ ग्रामीणों ने बताया कि सीसीएल द्वारा कोलवरी खुलवा दिया गया लेकिन सुविधा के नाम पर उन्हें आज तक कुछ नहीं मिल पाया ना तो ढंग से पूरी नौकरी मिल पाई है मुआवजा का तो कोई अता पता ही नहीं वही पुनर्वास का नीवं रखकर छोड़ दिया गया है । उसका एक इंच भी काम नहीं हो पाया है । बिजली 24 घंटे में महज चार-पांच घंटे के लिए ही आती है वह भी कभी लोड शैडिंग हुआ तो दो-तीन दिन तक भी गुम हो जाती है । माइंस खुलने के कारण पानी का लेयर चार से छह सौ फीट तक पहुंच गया ।एक ग्रामीण ने बताया कि ग्रामीण अगर सही मांगों को लेकर आंदोलन भी करें तो कई बार झूठे मुकदमे में सीसीएल द्वारा भी उन्हें फंसा दिया गया है । वही सीसीएल प्रबंधन के द्वारा बताया गया मेरे ध्यान में आ गया जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे

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