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चतरा एसडीओ ने तंबाकू पान मसाला, धूम्रपान मुक्ति को लेकर की बैठक 

चतरा एसडीओ ने तंबाकू पान मसाला, धूम्रपान मुक्ति को लेकर की बैठक

जनमानस में युक्तिसंगत तरीकों से जागरूकता फैलाए जाने हेतु दिया आवश्यक निर्देश

महेंदर कुमार की रिपोर्ट/चतरा

चतरा: चतरा अनुमंडल कार्यालय में बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी मुमताज अंसारी ने अनुमंडल क्षेत्र में तंबाकू पान मसाला, धूम्रपान मुक्ति से संबंधित बैठक कर जनमानस में युक्तिसंगत तरीकों से जागरूकता फैलाए जाने के विषय पर सभी खाद्य व्यापारी समेत अन्य संबंधित के साथ बैठक कर कई आवश्यक दिशा निर्देश दिया। तम्बाकू रोक अधिनियम के तहत अनुमंडल पदाधिकारी ने राज्य सरकार द्वारा पूर्व में जारी 11 ब्रांडों के पान मसाला (रजनीगंधा, विमल, शिखर, पान पराग, दिलरुबा, राजनिवास, सोहरत, मुसाफिर, मधु, बहार, पान पराग प्रीमियम) को बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए रखने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि यह प्रतिबंध विभिन्न जिलों से प्राप्त 41 पान मसाला के नमूनों के जांच में मैग्निशियम कार्बोनेट की मात्रा पाए जाने के कारण लगाई गई है। मैग्निशियम कार्बोनेट से हृदय की बीमारी सहित विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ होती है। पान मसाला के लिए फ़ूड सेफ्टी एक्ट 2006 में दिए गए मानक के मुताबिक मैग्नीशियम कार्बोनेट मिलाया जाना प्रतिबंधित है। अतः जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा उक्त पान मसाला को पूरी तरह से प्रतिबंधित रखने का निर्देश दिया गया। इसके अलावे अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में पान मसाला की बिक्री, भंडारण, विनिर्माण का कार्य पूरी तरह से प्रतिबंधित रहे, यह सभी खाद्य कारोबारी एवं अन्य संबंधित सुनिश्चित करें। साथ हीं जारी आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध नियम संगत कार्रवाई की भी बात कही गई। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि तम्बाकू जनित रोगों से प्रतिवर्ष भारत में लगभग 13 लाख लोग मृत्यु हो जाती है। वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण (GATS) के अनुसार झारखण्ड में 50.1 प्रतिशत युवा किसी न किसी रूप में तम्बाकू का सेवन करते है, जिसमें 63.6 प्रतिशत पुरूष एवं 35.9 प्रतिशत महिलाए हैं। सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पादों से होने वाली घातक बिमारियों (यथा कैंसर, हृदय रोग एवं फेफड़ों आदि) के संबंध में जनमानस में युक्तिसंगत तरीकों से आवश्यक रूप से जागरूकता फैलाएं जिससे उन्हें सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पादों के सेवन से दूर रखा जा सके। साथ हीं स्कूल, कॉलेज, अस्पताल समेत अन्य धूम्रपान निषेध क्षेत्र से 100 मीटर की दूरी तक किसी भी प्रकार की सिगरेट या अन्य तम्बाकू उत्पाद को बेचने या उसका सेवन करते हुए पकड़े जाने पर आर्थिक रूप से जुर्माना लगाने एवं अन्य नियम संगत कड़ी कार्रवाई की भी बात कही गई। बैठक में जिला खाद्य संरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद समेत सचिव कृषि उत्पादन बाजार समिति चतरा, चेंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष, सचिव चतरा अनुमण्डल के सभी होटल, रेस्टुरेन्ट, धर्मशाला एवं ढाबा संचालक, सभी खाद्य व्यापारी, सभी खैनी विक्रेता थोक एवं खुदरा, अनुमण्डल समेत अन्य संबंधित उपस्थित थे।

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