। एक दिव्यांग सोमनाथ पाल (जमशेदपुर) जिनका दिव्यांगता शतप्रतिशत है जो सम्पूर्ण मुक बधिर है। वे और एक दूसरे दिव्यांग अल्हान माझी, पिता – भागात माझी, गाँव – सिकड़ा, सोहदा पंचायत को साथ लेकर पहुँचे पोटका प्रखंड विकास पदाधिकारी के पास, सायद कुछ जानकारी प्राप्त करने के लिये। उसी दरमियान बी.डी.ओ. कार्यालय के पास पी. एल. वी. चयन कुमार मंडल के नजर उन दिव्यांगों पर पड़ी, जो परेशान नजर आरहे थे। श्री मंडल ने उनकी स्थिति को देखते हुये उन दोनों से जानकारी प्राप्त करने की प्रयाश किये अन्ततः इशारों इशारे में ही लगा की सायद उनका पेंसन रुका हुआ है। श्री मंडल ने त्वरित कार्रवाई करते हुये दिव्यांग श्री पाल के साथ आये हुये दूसरे दिव्यांग अल्हान माझी का आधार कार्ड लेकर विभागीय कर्मी बारियर हांसदा से मिलकर उनका पेंसन के बारे में जानकारी लिये जिससे पता चला की पेंसन पोर्टोल में उनका कोई रिकॉड ही नही है – जवकी दिव्यांग का वर्ष दो हजार अठारह में ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र शतप्रतिशत का बना हुआ है। हो सकता है जानकारी के अभाव में अब तक उनका पेंसन फॉर्म भरा ही नही गया हो। पी.एल.वी. चयन कुमार मंडल द्वारा जब इसकी जानकारी ” नील दीप निःशक्त सेवा अभियान ” के संचालक – पूर्व जिलापार्षद करुणा मय मंडल को दूरभाष पर जानकारी दिया गया तो उन्होंने समुचित दिशा निर्देश देते हुये पीड़ित दिव्यांग को त्वरित सहयोग पंहुचाने की आग्रह किये।
जो भी हो आज दोनों ही मुक बधिर का इस तरह से एक दूसरे के प्रति मदद की भावना को देख कर पी.एल.वी. चयन कुमार मंडल का मन पसीज गया – दोनों को आपने लीगेल ऐड क्लिनिक ले गये तथा दोनों से और भी जानकारी करना चाहे, चूँकि दोनों ही लिख पढ सकते थे तो सारी जानकारियां लिख पढ़ कर ही प्राप्त कि गई उसके बाद दोनों को एक पर्ची में पेंसन स्वीकृती में लगने वाली जरूरत के सारी कागजातों के बारे में लिख के दिया गया। अन्ततः एक दिव्यांग सोमनाथ पाल के सहयोग से दूसरे दिव्यांग अल्हान माझी का आज फॉर्म भरा गया । फॉर्म मुखिया के अनुशंसा के लिए भेजा गया, आवेदन वापस आ जाने के बाद ही दिव्यांग को स्वामी विवेकानंद निशक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन भत्ता का लाभ दिलवाया जायेगा। मजे की बात तो यह है की सोमनाथ पाल (जमशेदपुर) भारतीय मानवाधिकार आयोग के जिलाध्यक्ष शिवनाथ पाल के बड़े भाई हैं।
मौके पर पी.एल.वी. छाकू माझी भी उपस्थित थे।

