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कोरोना काल में डॉक्टर ओपी आनंद पर दर्ज एनडीपीएस एक्ट को हाईकोर्ट ने किया खारिज, माना ट्रिपल वन अस्पताल ने नहीं तोड़ा कोई नियम

कोरोना काल के दौरान ट्रीपल वन सेव लाइफ अस्पताल संचालक डॉ ओपी आनंद पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करने और अस्पताल को बंद करने संबंधित मामले पर झारखंड हाई कोर्ट ने आदेश देते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, वही डॉक्टर ओपी आनंद पर एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले को भी खारिज कर दिया है।

सरायकेला ड्रग इंस्पेक्टर कुंज बिहारी चौधरी द्वारा 8 जून 2021 को दवा भंडारण मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था, इस मामले पर याचिकाकर्ता डॉक्टर ओपी आनंद के वकील पिंकी आनंद, राजेश रंजन ,नीलेश कुमार, सोनल सोधानी ने हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय द्विवेदी की अदालत में अर्जी दी थी जिस पर 9 जून को सुनवाई करते न्यायाधीश संजय द्विवेदी ने 18 जून को फैसला सुनाते हुए डॉक्टर ओपी आनंद और अस्पताल 111 सेव लाइफ पर किए गए कार्रवाई को मनगढ़ंत, विद्वेष पूर्ण और विकृत मानसिकता से ग्रसित करार दिया है, न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए कौवसिंग पिटिशन को सही करार दिया और डॉक्टर आनंद पर दर्ज एनडीपीएस एक्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। हाई कोर्ट के न्यायाधीश संजय द्विवेदी ने याचिकाकर्ता डॉक्टर ओपी आनंद को निर्दोष मानते हुए कोरोना महामारी में अस्पताल को बंद कर डॉ ओपी आनंद को जेल भेजना दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।

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