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फूड प्वाइजनिंग से एक बच्ची की मौत और 3 बच्ची अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद भी स्थानीय प्रशासन चैन की नींद सो रही है

फूड प्वाइजनिंग से एक बच्ची की मौत और 3 बच्ची अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद भी स्थानीय प्रशासन चैन की नींद सो रही है

चंदवा संवाददाता मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट
*बच्ची के मौत के बाद मेडिकल टीम जा कर मलेरिया की जांच कर रही है: दीपू सिन्हा*

चंदवा। चंदवा झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य दीपू कुमार सिन्हा के नेतृत्व में चंदवा के परसही गांव में फूड प्वाइजनिंग की शिकार होकर मृत एवं घायल बच्चियों की दुखद, लोमहर्षक एवं हृदय विदारक घटना की जांच करने आज झारखंड मुक्ति मोर्चा , कांग्रेस एवं स्थानीय पत्रकारों की संयुक्त टीम घटनास्थल पर पहुंची। उक्त जांच टीम में झारखंड मुक्ति मोर्चा के दीपू कुमार सिन्हा, प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष असगर खान, कांग्रेस सेवा दल के जिला अध्यक्ष बाबर खान, झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड सचिव मोहम्मद सरफराज, राजधानी न्यूज़ प्रभात मंत्र एवं न्यूज़ इलेवन के चंदवा संवाददाता मुकेश कुमार सिंह, दैनिक आज एवं पंच के ब्यूरो विवेकानंद साहू, फ्रीडम फाइटर के राजीव कुमार उरांव, मानवाधिकार मीडिया के मुमताज मून, दैनिक जागरण के दीपक भगत, खबर मंत्र के कमलेश प्रसाद, गुड न्यूज़ पलामू के नरेंद्र कुमार शामिल थे। जांच दल ने सर्वप्रथम मृत एवं घायल बच्चियों के घर जाकर उनके दादा-दादी एवं परिजनों से मुलाकात की उन्हें ढाढस बंधाया और उन्हें इंसाफ दिलवाने की बात कही। जांच टीम जिस समय गांव पहुंची उस समय स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस की टीम खानापूर्ति करते दिखी। नेताओं एवं मीडिया की टीम के पहुंचने के बाद उनके सवालों का संतोषजनक जवाब न देकर मेडिकल एवं पुलिस की टीम वहां से धीरे से रवाना हो गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से इस बाबत पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नंद कुमार पांडे गुस्से में चिल्लाते एवं यह कहते देखे गए कि हमको यहां से हटवा दीजिए लेकिन हम कार्रवाई नहीं करेंगे। हम गांव में बीमारी की जांच करवाने आए हैं। यह पूछे जाने पर कि मौत फूड प्वाइजनिंग से हुई है और जांच मलेरिया का किया जा रहा है

झल्लाते हुए चिकित्सा पदाधिकारी वहां से चले गए। जांच टीम ने यह पाया कि इतनी बड़ी घटना घट जाने के बाद अभी तक कोई भी वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी यहां नहीं आया इस बात से ग्रामीण काफी गुस्से एवं गम में दिखे।
जांच टीम ने जांच में यह पाया कि यह मामला साफ-साफ जहरीला चिप्स,कुरकुरे एवं मिक्सचर का व्यापार कर मोटा मुनाफा कमाने वाले लोगों की कारस्तानी का नतीजा है। मिक्सचर एवं चिप्स के पैकेट पर 3 महीने तक ही प्रयोग करने की बात लिखी हुई है परंतु पैकेट से पैकेजिंग का डेट इन व्यापारियों द्वारा मिटा दिया गया है। इन व्यापारियों द्वारा ना जाने ऐसे कितने मिक्सचर और चिप्स रूपी जहरों के पैकेट चंदवा प्रखंड के कई गांवों में बेचे गए होंगे ?और आने वाले बरसात के मौसम में ना जाने और कितने बच्चे- बच्चियों की जान जाएगी। जांच टीम ने प्रशासन से दोषी लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने, ऐसे जहरीले सभी चिप्स एवं मिक्सचर के पैकेट को दुकानों एवं गोदामों से बरामद कर भविष्य में होने वाली ऐसी संभावित दुर्घटनाओं को रोकने। मृत एवं पीड़ित बच्चियों एवं उनके परिजनों को पर्याप्त मुआवजा राशि देने की मांग प्रशासन से की है। साथ ही जांच टीम ने जिले के उपभोक्ता फोरम न्यायालय से इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर पीड़ितों को इंसाफ दिलवाने की भी मांग की है।
जांच टीम को गांव में पहुंचा देखकर बड़ी संख्या में आक्रोशित तथा गमजदा ग्रामीण महिला एवं पुरुषों ने जांच टीम को घटना के हर पहलुओं की जानकारी दी जिनमें मृतक बच्ची निधि कुमारी के दादा गोपी गांझु एवं दादी शुक्रमणि देवी, इलाज रत आराध्या कुमारी, रितिका कुमारी एवं श्वेता कुमारी के दादा-दादी अतिया देवी एवं बाबूलाल गंजू, अजमेरउन बीबी, सोनमतीया देवी, आशा देवी, मुनिया देवी, मिंटुश गंझु, प्रदीप यादव, बुधन गनझू, अर्जुन गंजू , नन्हू गंजू, मुन्ना गंजू, सिटीया देवी, विजय पासवान राजू कुमार साव, मोहम्मद सनाउल, मोहम्मद मुस्ताक, मनोज पासवान समेत दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।

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