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बरवाडीह में बन्द तेंदू पत्ते के खलिहान को शुरू करवाने की माँग को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र।

बरवाडीह में बन्द तेंदू पत्ते के खलिहान को शुरू करवाने की माँग को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र।

बेतला से अख़्तर अंसारी की रिपोर्ट

बरवाडीह :- बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के पलामू व्याघ्र परियोजना अंतर्गत आने वाले वन क्षेत्रों में लंबे समय से केंदु पत्ते की तुड़ाई बंद है जिसके कारण प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत लगभग 2000 से अधिक निबंधित मजदूर पत्ते की तुलाई नहीं होने के कारण बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं जिसको लेकर प्रखण्ड की महिला समाजसेवी सन्तोषी शेखर ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ-साथ स्थानीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष को पत्र लिखकर वन प्रमंडल अंतर्गत आने वाले प्रखंड क्षेत्र के 14 खलिहान रोको शुरू करने की अनुमति देने की मांग की गई है । सन्तोषी शेखर ने बताया की तेंदूपत्ता की ट्राई कर जहां स्थानीय मजदूर काफी खुशहाल होने के साथ-साथ लगभग 6 महीने तक के जीवन यापन करने की राशि जमा करने के साथ-साथ शादी विवाह जैसे पारिवारिक कार्यक्रम को लेकर भी रकम जमा कर लेते थे मगर दुर्भाग्य से जिस पत्ते की तुलाई से वन क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं उन पत्ते की चौड़ाई पर रोक लगाकर मजदूर हो को पलायन करने पर मजबूर कर दिया गया है जिस पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और सरकार को मजदूरों के हित में ध्यान देते हुए सकारात्मक फैसला लेकर तुलाई को अनुमति दी जानी चाहिए ताकि प्रखंड क्षेत्र के कुटमु , सरईडीह , कचनपुर , पोखरी खुर्द , कोलपुरवा , बरवाडीह , लुहुर , बभंडी , ततहा , मंडल , सिधोरवा , लेदगाई , होरीलोग , पैरा , में केंदु पत्ते के तुड़ाई औऱ संग्रह का काम शुरू हो औऱ सैकड़ो मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार हो सके । वहीं दूसरी ओर प्रखंड की केंदुपती प्राथमिक संग्राहक समिति के द्वारा भी राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पलामू जाकर परियोजना के उत्तरी और दक्षिणी पर मंडल अंतर्गत अनुमति प्रदान गांव में केंदु पत्ता लोक निर्माण के प्रस्ताव की स्वीकृति नहीं होने के कारण 2 वर्षों से पत्ती के संग्रह के कार्य पर रोक होने के कारण उत्पन्न समस्या के प्रति ध्यान आकर्षित कराने का काम किया गया और सरकार के माध्यम से जल्द से जल्द रोक को हटाते हुए पत्ती संग्रह करने की अनुमति विभाग को देने की मांग की गई ताकि स्थानीय मजदूरों को रोजगार के साथ-साथ सरकार को हो रहे करोड़ों रुपए के नुकसान से बचाया जा सके ।

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