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अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर संत जेवियर्स महाविद्यालय महुआडांड़ के राजनीतिक विज्ञान विभाग के द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

महुआडांड़ संवाददाता शहजाद अलम की रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर संत जेवियर्स महाविद्यालय महुआडांड़ के राजनीतिक विज्ञान विभाग के द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में वाईस प्रिंसिपल डॉ. संजय बाड़ा और फादर साइमन मुर्मू उपस्थित थे।मुख्य वक्ता डॉ संजय बाड़ा ने मानव अधिकार का सिंहावलोकन करते हुए फ्रांसीसी क्रांति (1789) के मुख्य दर्शन स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व, संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा घोषित 1948 का मानव अधिकार घोषणा पत्र, और भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों पर प्रकाश डाला और जनता को मानव अधिकारों के प्रति सजग और जागरूक बनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में फादर साइमन ने बताया कि अभी भी हमारे देश में कहीं-कहीं जातिवाद और सम्प्रदायवाद का कुछ अंश मौजूद है जो एक सभ्य, सुसंस्कृत समाज का निर्माण और मानवीय गरिमा को स्थापित करने के मार्ग में बाधक है। उन्होंने झारखंड के जनजातीय क्षेत्रों में हो रहे मानव तस्करी पर दुःख व्यक्त किया और कहा कि समाज और राज्य सरकार दोनों को मिलकर इसके निराकरण के लिए पहल करने पर जोर दिया। इस अवसर पर राजनीति विज्ञान के विद्यार्थी अंचल कुमारी, भाग्यवती कुमारी,आलोकदीप और कंचन कुमारी ने अपने -अपने प्रपत्र प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में मंच संचालन कृष्णा और हीना यासमीन ने किया। कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष नीला पूर्णिमा तिरकी, डॉ अनिल कुमार टेटे, प्रो राजीव महतो और इतिहास विभाग से प्रो रवि रोशन मिंज, प्रो बीयुला भेंगरा एवं सभी विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विभागाध्यक्ष प्रो. नीला पूर्णिमा ने सभी प्राध्यापकों और छात्रों को धन्यवाद दिया। अंत में संगोष्ठी का समापन सामुहिक राष्ट्र गान गाकर किया गया।

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