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बेतला,जल मीनार अपनी बदहाली के आँसु रो रहा है।जंहा पिछले 6 माह से सिर्फ जलमीनार हाथी के दांत जैसी कहावत चरितार्थ हो रहा है।

_*बेतला,जल मीनार अपनी बदहाली के आँसु रो रहा है।जंहा पिछले 6 माह से सिर्फ जलमीनार हाथी के दांत जैसी कहावत चरितार्थ हो रहा है।*_

बेतला संवाददाता अख्तर अंसारी की रिपोर्ट

_लातेहार ,जिले के उपायुक्त अबु इमरान के द्वारा लगातार पंचायत प्रतिनिधियों को अपने अपने पंचायत क्षेत्र में पीने की पानी की व्यवस्था व्यवस्था कराने का निर्देश दिया जाता रहा है।

मगर प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत मोरवाई पंचायत के हेलटी ग्राम में ग्रामीणों के लिए लगाया गया। जल मीनार अपनी बदहाली के आँसु रो रहा है।जंहा पिछले 6 माह से सिर्फ जलमीनार हाथी के दांत जैसी कहावत चरितार्थ हो रहा है। जहां जल मीनार के खराब हो जाने के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है।मजबूरीवश गांव के नाले और गंदे कुए का पानी पीना पड़ रहा है ।खराब हो चुके जलमीनार को लेकर ग्रामीणों के साथ साथ पंचायत के उप मुखिया गंगी नाग के द्वारा कई बार पंचायत के मुखिया और पंचायत सेवक समेत संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने का कार्य भी किया गया मगर किसी के द्वारा अब तक गंभीरता से लेने का काम नहीं किया गया ।उधर ग्रामीणों की माने तो जल मीनार लगाने वाले ठेकेदार के द्वारा जल मीनार तो लगा दिया गया। पर कभी दोबारा उसकी देखरेख मररमति करने का कार्य नहीं किया गया।और ना ही किसी भी तरह की समिति का गठन किया गया जिससे जल मीनार की मेंटेनेंस का कार्य नियमित हो सके । उधर उप मुखिया गंगी नाग ने बताया की ग्रामीणों की पेयजल की समस्या को लेकर प्रखंड प्रशासन के द्वारा कोई भी सार्थक कदम नहीं उठाया जाता है जिसका खामियाजा ग्रामीणों को लगातार भुगतना पड़ रहा है। अगर हमारे गांव के जल मीनार को जल्द से जल्द मरम्मत नहीं कराया गया तो मजबूरन ग्रामीणों को खुद से पैसे इकट्ठा करके जल मीनार की मररमति करानी पड़ेगी।व परेशानी इसलिए झेलनी पड़ रही है। क्योंकि बिना गुणवत्ता का ख्याल रखे सरकार के पैसों का बंदरबाट किया जा रहा है।और खामियाजा हमलोगों को भुगतना पड़ रहा है।_,

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