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श्रवण बाधित बच्चों की शिक्षा के लिए बढ़ा कदम, टाटा स्टील फाउंडेशन ने अभिभावकों को दी नामांकन की जानकारी

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोआमुंडी स्थित कैंप स्कूल परिसर में शनिवार को टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से श्रवण बाधित बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से प्री-एडमिशन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नोआमुंडी और जगन्नाथपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों से चयनित श्रवण बाधित बच्चों के साथ उनके अभिभावकों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा की राह आसान बनाना और अभिभावकों को नामांकन प्रक्रिया से पूरी तरह अवगत कराना था।

बैठक में नोआमुंडी प्रखंड के कुटिंता, कुमिरता, पेटेता, लखनसाई, सरबिल, लेम्पाहेसा और बड़ाजामदा तथा जगन्नाथपुर प्रखंड के पोखरिया और सियालजोड़ा गांवों से आए बच्चों को शामिल किया गया। इस दौरान अभिभावकों को बताया गया कि चयनित 10 बच्चों का जमशेदपुर स्थित कार्मेल बाल विहार (सीबीवी) में नामांकन प्रस्तावित है।

कार्मेल बाल विहार की टीम ने विद्यालय में प्रवेश की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, छात्रावास और शैक्षणिक सुविधाओं के साथ बच्चों को मिलने वाली अन्य सहायता की विस्तृत जानकारी दी। सिस्टर अमिका और छाया दास ने प्रस्तुति के माध्यम से अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की।

बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ बच्चों के पास जन्म प्रमाण-पत्र और आधार कार्ड उपलब्ध नहीं हैं। इस पर टाटा स्टील फाउंडेशन और संबंधित टीम ने ऐसे सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग करने तथा नामांकन प्रक्रिया समय पर पूरी कराने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में टाटा स्टील, नोआमुंडी के कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस अधिकारी उदय प्रकाश सिंह तथा टाटा स्टील फाउंडेशन के नोआमुंडी यूनिट लीड संदीप कुमार केसरवानी ने अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा के महत्व से अवगत कराया और उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।सीवी

बैठक का संचालन टाटा स्टील फाउंडेशन के संतू दास ने किया। वहीं सुश्री कोनिका ने भारतीय सांकेतिक भाषा के माध्यम से पूरी चर्चा का अनुवाद किया, जिससे श्रवण बाधित बच्चे भी बैठक में दी गई जानकारी को सहजता से समझ सके और सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी निभा सके।

 

टाटा स्टील फाउंडेशन की यह पहल श्रवण बाधित बच्चों को समावेशी, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है।

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