चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत मकरंडा पंचायत में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार की रात हाथियों के एक झुंड ने सागजोड़ी क्षेत्र के पीड़िटोला और नावाडीह गांव में घुसकर दो घरों को नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है। हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता के चलते किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, हाथियों का झुंड सबसे पहले पीड़िटोला निवासी लादुरा गुड़िया के घर पहुंचा और वहां धान रखने वाले कमरे की दीवार तोड़ दी। इसके बाद झुंड नावाडीह गांव में सुखमन सुरीन के घर में घुस गया और वहां भी धान भंडारण वाले हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथी घरों में रखा धान खाने लगे। इस दौरान परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने शोर मचाकर तथा पारंपरिक तरीकों से हाथियों को गांव से बाहर खदेड़ दिया। घटना में दोनों परिवारों को आर्थिक नुकसान हुआ है।
घटना की सूचना मिलने के बाद शुक्रवार सुबह वन विभाग की टीम प्रभावित गांवों में पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। विभागीय अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को आवश्यक कागजात के साथ आवेदन रेंज कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।
इस बीच वन विभाग ने हाथी हमले में जान गंवाने वाले एक ग्रामीण के परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की। विभाग के अनुसार, समठा गांव निवासी चंदन जोजो की 20 दिसंबर 2025 को जंगल से लकड़ी लाने के दौरान जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी नंदी जोजो को अनुग्रह सहायता के रूप में चार लाख रुपये का चेक सौंपा गया।
चेक वितरण के दौरान पूर्व पंचायत समिति सदस्य संदीप गुड़िया, फॉरेस्टर कमल, वनकर्मी बासुदेव समेत वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों की गतिविधियों के दौरान सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत विभाग को देने की अपील की है।

