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टाटानगर रेल हादसे पर बढ़ा विवाद, मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े परिजन

जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे यार्ड में करंट लगने से गंभीर रूप से झुलसे युवा टेक्निशियन आशीष माझी की मौत के बाद रेलवे प्रशासन और परिजनों के बीच विवाद गहरा गया है। सोमवार को एरिया रेल मैनेजर (एआरएम) समीर सौरभ की अध्यक्षता में रेलवे अधिकारियों, मृतक के परिजनों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ हुई करीब दो घंटे की त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई। परिजन 50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी तथा घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

परसुडीह के शंकरपुर निवासी आशीष माझी 30 मई को टाटानगर स्टेशन की वाशिंग लाइन में खड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच की छत पर लगे एसी सिस्टम की मरम्मत करने गए थे। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन ओवरहेड लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तत्काल टाटा मेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां 6 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्टेशन परिसर स्थित कार्यालय के बाहर दूसरे दिन भी धरना जारी रखा। परिजनों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर रेलवे प्रशासन लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं, हादसे के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि मरम्मत कार्य के दौरान हाईटेंशन लाइन को बंद नहीं किया गया, जो गंभीर लापरवाही का मामला है। मामले को लेकर रेलवे प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

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