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समर कैंप के समापन पर विशेष बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने जीता सभी का दिल

जमशेदपुर। एस्पायर मदर्स ग्रुप ने टाटा स्टील फाउंडेशन के सबल सेंटर के सहयोग से विशेष बच्चों के लिए आयोजित एक माह लंबे समर कैंप का सफल समापन किया। इस अवसर पर 4 जून को सबल सेंटर में प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विश्व पर्यावरण दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विशेष बच्चों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित किया।

एक महीने तक चले इस समर कैंप में विशेष बालक एवं बालिकाओं को योग, नृत्य, जुम्बा तथा आर्ट एंड क्राफ्ट का प्रशिक्षण दिया गया। कैंप के दौरान बच्चों ने ब्लॉक प्रिंटिंग, स्टोन पेंटिंग, कैप पेंटिंग, बॉटल आर्ट, सुपर क्ले मॉडलिंग सहित कई रचनात्मक कलाओं को सीखा। इन गतिविधियों ने बच्चों के आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और कौशल विकास को नई दिशा प्रदान की।

समापन समारोह में करीब 50 विशेष बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने योग, जुम्बा, गायन और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। आगंतुकों ने इन उत्पादों की गुणवत्ता और रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए बड़ी संख्या में वस्तुओं की खरीदारी की, जिससे बच्चों का उत्साह और मनोबल बढ़ा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुरभि भटनागर उपस्थित रहीं। इसके अलावा लायंस क्लब और इनर व्हील क्लब के सदस्यों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनके प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर सबल सेंटर के चीफ सौमेन साहा, तेनिक सर तथा कोनिका मैडम ने समर कैंप को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन एस्पायर मदर्स ग्रुप की डॉ. निबेदिता ने किया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आर्ट ट्रेनर माणिक सर ने बच्चों के रंग-बिरंगे हाथों की छाप लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला एक विशेष जागरूकता फ्लेक्स तैयार किया। यह रचनात्मक पहल प्रकृति के प्रति बच्चों की जिम्मेदारी और जागरूकता का प्रतीक बनी।

कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास के साथ हुआ। यह आयोजन विशेष बच्चों की क्षमताओं, रचनात्मकता और उपलब्धियों का उत्सव साबित हुआ, जिसने समाज में समावेशिता, पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के महत्व को भी प्रभावी ढंग से रेखांकित किया।

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