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पंचायत सचिवों ने मांगों को लेकर दिखाई एकजुटता, सरकार से सेवा शर्तों में सुधार की उठाई आवाज,

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के पंचायत सचिवों ने गुरुवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सरकार से सेवा शर्तों, वेतनमान और सुविधाओं में सुधार की मांग की। जिले के 11 प्रखंडों से पहुंचे 120 से अधिक पंचायत सचिवों ने बैठक कर पंचायत स्तर पर बढ़ते कार्यभार और संसाधनों की कमी पर चिंता व्यक्त की।

बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत सचिव संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंचायत सचिव ग्रामीण विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय के साथ पंचायत सचिवों के दायित्व लगातार बढ़े हैं, जबकि सुविधाएं और सेवा लाभ उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाए हैं।

बैठक में बोड़ाम प्रखंड में कार्यरत रहे दिवंगत पंचायत सचिव सुजीत कुमार को श्रद्धांजलि भी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि पंचायत सचिवों पर लगातार बढ़ते कार्य दबाव और मानसिक तनाव के मुद्दे पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

पंचायत सचिवों ने 2400 ग्रेड पे लागू करने, विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से बीपीआरओ पद पर प्रोन्नति का अवसर देने, कार्यभार के अनुरूप वेतन एवं भत्तों में वृद्धि, स्पष्ट सेवा नियमावली लागू करने, मानसिक एवं प्रशासनिक प्रताड़ना पर रोक लगाने, पंचायत मुख्यालयों में 2BHK सरकारी आवास उपलब्ध कराने तथा क्षेत्रीय भ्रमण के लिए यात्रा भत्ता देने की मांग उठाई।

बैठक में उपस्थित पंचायत सचिवों ने कहा कि मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, ग्राम सभा और चुनाव संबंधी कार्यों सहित अनेक योजनाओं का संचालन पंचायत सचिवों द्वारा किया जाता है। ऐसे में उन्हें बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है।

इस अवसर पर संघ के पदाधिकारी और विभिन्न प्रखंडों के पंचायत सचिव बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक में संतोष कुमार, राजेश कुमार, अजय महतो, मनोज कुमार, रंजीत कुमार, विनोद कुमार, अमित कुमार, प्रदीप कुमार समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों के पंचायत सचिवों ने भाग लिया और अपनी बात रखी।

अंत में पंचायत सचिवों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। ग्रामीण विकास व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पंचायत सचिवों की समस्याओं का समाधान आवश्यक बताया गया।

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