जमशेदपुर। गोविंदपुर जलापूर्ति योजना क्षेत्र में पिछले 48 घंटे से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने से पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच 21 पंचायतों के करीब 22 हजार परिवार पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं, लेकिन सरकार केवल दावे और बयानबाजी में व्यस्त है।
पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निशाने पर लेते हुए कहा कि केवल बड़ी-बड़ी बातें करने और जनता को आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा। जमीनी स्तर पर लोगों को राहत पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गांवों में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई घरों में पीने तक का पानी नहीं बचा है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं और लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने ने बताया कि जहां पानी की समस्या है वह क्षेत्र उनके विधानसभा में आता है।
दुलाल भुईयां ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक्स पोस्ट के माध्यम से गोविंदपुर क्षेत्र की गंभीर जल समस्या से अवगत कराते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो जनता का आक्रोश और बढ़ेगा तथा व्यापक आंदोलन खड़ा होगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार जलापूर्ति बाधित होने की वजह बिजली आपूर्ति में आई समस्या बताई जा रही है। हालांकि लगातार दो दिनों से पानी सप्लाई बंद रहने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन तकनीकी खराबी और बिजली बाधित होने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है, जबकि अब तक समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।
जल संकट का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। कई पंचायतों में लोग निजी जलस्रोतों और दूर-दराज के हैंडपंपों के सहारे किसी तरह काम चला रहे हैं। गांवों में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है और लोग एक-एक बूंद पानी के लिए परेशान हैं।
स्थिति से नाराज ग्रामीण अब सड़क पर उतर आए हैं। कई जगहों पर महिलाओं और ग्रामीणों ने हांडी-डेगची लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई जलापूर्ति योजनाएं जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल साबित हो रही हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री को सोशल मीडिया के माध्यम से भी पूरे मामले की जानकारी दी गई है, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था शुरू करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द पानी सप्लाई बहाल नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

