जमशेदपुर। टाटानगर समेत आसपास के इलाकों में ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी को लेकर रेल यात्री संघर्ष समिति का आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। रविवार को साकची गोलचक्कर पर आयोजित हस्ताक्षर अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान जमशेदपुर पश्चिम के विधायक Saryu Roy ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि शांतिपूर्ण आंदोलन को रेलवे कमजोरी समझ रहा है, तो यह उसकी भूल है। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर आंदोलनकारी रेल ट्रैक पर बैठकर भी विरोध दर्ज कराएंगे।
सरयू राय ने कहा कि रेल यात्री संघर्ष समिति की मांगें पूरी तरह जनहित से जुड़ी हैं। उनका कहना था कि यात्रियों की सबसे बड़ी परेशानी ट्रेनों की लगातार देरी है, जबकि रेलवे मालगाड़ियों को प्राथमिकता देकर यात्री ट्रेनों को घंटों रोक रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके आदेश पर यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को पहले पास कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई हिस्सों में रेलवे का आधारभूत ढांचा मजबूत किया गया, लेकिन टाटानगर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन की उपेक्षा की जा रही है।
कार्यक्रम में समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह ने कहा कि आंदोलन को लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि 18 मई को बर्मामाइंस और 19 मई को मानगो में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जबकि 24 मई को घाटशिला में बड़े स्तर पर अभियान आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोग रेलवे की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। जरूरत पड़ी तो प्रतिनिधिमंडल रेल मंत्री तक अपनी बात पहुंचाएगा।
सभा को संबोधित करते हुए कई वक्ताओं ने रेलवे की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि यह आंदोलन यात्रियों की आवाज को मजबूती देने वाला है और जल्द ही इसका असर दिखाई देगा। कन्हैया सिंह ने आरोप लगाया कि रेलवे जनता की नाराजगी को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों की देरी से रेलकर्मी भी परेशान हैं। सतीश सिंह ने चक्रधरपुर मंडल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, जबकि अजय कुमार ने कहा कि रेलवे को ट्रेनों का समय सुधारना ही होगा। उषा यादव ने इसे आम यात्रियों की रोजमर्रा की बड़ी समस्या बताया। कुलविंदर सिंह पन्नू ने कहा कि यात्री ट्रेनों की कीमत पर मालगाड़ियों को प्राथमिकता देना उचित नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान विधायक सरयू राय सहित अन्य सदस्यों ने राहगीरों के बीच पर्चे बांटे और लोगों से क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी राय दर्ज करने की अपील की। अभियान के संचालन में नीरज सिंह और सुनील सिंह की सक्रिय भूमिका रही, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विवेक पांडेय ने किया।

