चाईबासा: कोल्हान विश्वविद्यालय के सभागार में जिला स्तरीय सहिया सम्मेलन सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र की सांसद जोबा मांझी ने की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए जोबा मांझी ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सहिया दीदियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सहिया घर-घर जाकर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाती हैं। वे गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों के टीकाकरण और कुपोषण की रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने सहिया दीदियों से पौष्टिक आहार, स्वच्छता, परिवार नियोजन और सरकारी योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत और जननी सुरक्षा योजना की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सहिया दीदियों को नियमित प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देना जरूरी है। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में बताया गया कि सहिया, जिन्हें आशा कार्यकर्ता भी कहा जाता है, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गांव स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। उनका काम गर्भवती महिलाओं की देखभाल, प्रसव पूर्व जांच के लिए प्रेरित करना, संस्थागत प्रसव में सहयोग, बच्चों का टीकाकरण, स्वास्थ्य जागरूकता फैलाना और बीमारों की प्राथमिक देखभाल करना है। इसके साथ ही वे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा आईडी बनाने और स्वास्थ्य रिकॉर्ड जोड़ने में भी सहयोग करती हैं।
दुर्गम और दूरस्थ इलाकों में सहिया दीदियां पैदल या साइकिल से घर-घर जाकर अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं। जिले में करीब 2000 सहिया कार्यरत हैं।
इस मौके पर दिव्यांग प्रमाण पत्र, आभा कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया। साथ ही बेहतर कार्य करने वाली सहिया दीदियों को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला उपायुक्त, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी चक्रधरपुर, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मी और सहिया दीदियां उपस्थित रहीं।

