चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित चिड़िया माइंस क्षेत्र में खनन कार्य बंद रहने से ठेका मजदूरों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने क्षेत्र का दौरा कर मजदूरों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं का जायजा लिया।
मजदूरों ने बताया कि पिछले छह महीनों से स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की चिड़िया माइंस में खनन कार्य पूरी तरह ठप है, जिससे ठेका कर्मियों को काम नहीं मिल रहा है। काम बंद होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है और करीब 250 परिवार भुखमरी की स्थिति में पहुंच चुके हैं। मजदूरों ने बताया कि कंपनी और ठेकेदारों से लगातार संपर्क के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका है।
मधु कोड़ा ने स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि ठेकेदार और सेल प्रबंधन जल्द से जल्द खनन कार्य शुरू करें और मजदूरों के बकाया वेतन का भुगतान करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो मजदूरों के साथ मिलकर सेल के प्रभारी पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि यदि इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो मजदूरों के हक के लिए क्रमबद्ध आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माइंस बंद रहने से मजदूर परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
इस दौरान लाल सामड, देवेंद्र कुमार यादव, कृष्ण टूटी, कर्मु, घनश्याम बड़ाई, लाल चंद बिन्द, रहिल कोड़ा, अजय मुखी, सुनील कंडुला सहित दर्जनों मजदूरों ने अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं।
इस संबंध में जानकारी जिला भाजपा मीडिया प्रभारी जितेंद्र नाथ ओझा ने दी ।

