जमशेदपुर। मानगो स्थित एनएच-33 पर बन रहे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। निर्माण स्थल से उड़ रही धूल ने आसपास के इलाके में रहने और काम करने वाले लोगों का जीवन बेहद कठिन कर दिया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों को कुछ ही फीट की दूरी तक देखना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
स्थानीय दुकानदारों, टेंपो चालकों, ठेला और खोमचा लगाने वालों का कहना है कि धूल के कारण उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है। दिनभर उड़ती धूल से सामान खराब हो रहा है और ग्राहक भी कम हो गए हैं। कई दुकानदारों ने तो मजबूरी में अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। बालीगुमा से पारडीह तक का इलाका धूल की चादर में लिपटा रहता है, जिससे आम लोगों का चलना-फिरना तक मुश्किल हो गया है।
लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद निर्माण एजेंसी और एनएचएआई के अधिकारी इस समस्या को नजरअंदाज करते रहे। निर्माण स्थल पर न तो नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा था और न ही सुरक्षा के जरूरी मानकों का पालन हो रहा था। इससे नाराज होकर स्थानीय लोगों ने आखिरकार आंदोलन का रास्ता अपनाया।
स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब रविवार को भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों लोग निर्माण स्थल पर पहुंचे। गुस्साए लोगों ने मोटी रस्सी से वहां मौजूद मशीनों और अभियंताओं को बांध दिया और निर्माण कार्य पूरी तरह ठप करवा दिया। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से अफरा-तफरी मच गई।
निर्माण कार्य रुकने की सूचना मिलते ही संबंधित एजेंसी और एनएचएआई के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तुरंत पानी के टैंकर मंगवाकर छिड़काव शुरू कराया और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
मौके पर मौजूद विकास सिंह ने कहा कि एनएच-33 के किनारे रहने वाले लोगों का जीवन धूल की वजह से बदहाल हो चुका है, लेकिन जनप्रतिनिधियों को इसकी कोई चिंता नहीं है। उन्होंने स्थानीय सांसद और विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे एक बार अपनी गाड़ी का शीशा खोलकर पारडीह से बालीगुमा तक सफर करें, तो उन्हें आम जनता की परेशानी का अंदाजा हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक लोगों को इस समस्या से राहत नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा।
इस विरोध प्रदर्शन में शिव साहू, सुदामा भारती, भरत लाल, पप्पू सिंह, श्याम लाल, नगेंद्र सिंह, शिव कुमार, अरुण यादव, निर्मल तिवारी, विकास पांडेय, सरवन सिंह, शिवा कर्मकार, कमल मुखर्जी (दादू चाय वाले), अंसार खान, संतोष यादव, मुन्ना यादव, तिनका चौधरी, धीरज सिंह, मुन्ना सिंह, अमित सिंह, राजा सिंह, शंकर सिंह, महेश सिंह, राम स्वरूप, तेजस्वी यादव, प्रभु यादव, सुनील तिवारी समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

