जमशेदपुर। मानगो के बालीगुमा क्षेत्र में एक डीप बोरिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय वार्ड पार्षद राजेश सिंह और पूर्व भाजपा नेता विकास सिंह ने आरोप लगाया है कि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय द्वारा विधायक निधि की राशि का उपयोग एक निजी बिल्डर को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है।
वार्ड पार्षद राजेश सिंह ने अपने बयान में कहा कि उनके वार्ड के सुखना बस्ती इलाके में लोग आज भी पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र के कई परिवारों को बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद जनहित के बजाय निजी हित को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पूरे मामले को समझने के लिए उनका वीडियो देखें, जिसमें क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को दिखाया गया है।
वहीं, पूर्व भाजपा नेता विकास सिंह ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकारी राशि जनता के टैक्स से आती है और उसका उपयोग आम लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनता का पैसा किसी बिल्डर के निजी काम के लिए खर्च किया जा सकता है। विकास सिंह ने आरोप लगाया कि लगभग साढ़े छह लाख रुपये की लागत से एक निजी जमीन पर डीप बोरिंग कराई गई, जो कि बिल्डर के नक्शा पास कराने के दौरान छोड़े गए अपसेट क्षेत्र में की गई है, जिससे सीधे तौर पर बिल्डर को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कार्य में मानगो नगर निगम की भूमिका भी संदिग्ध है और पूरे मामले में मिलीभगत की आशंका है। विकास सिंह ने इसे “ईमानदारी का चोला पहनकर किया गया बड़ा भ्रष्टाचार” करार देते हुए कहा कि एक ओर पूरा इलाका पानी की समस्या से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर निजी जमीन पर सरकारी पैसे से बोरिंग कराना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है।
विकास सिंह ने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी गूंज पूरे झारखंड में सुनाई देगी।
हालांकि, इस आरोप को लेकर अब तक विधायक सरयू राय या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है और लोगों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

