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आनंद मार्ग के 1 घंटे के रक्तदान शिविर में 10 यूनिट रक्तदान 20 पौधा दान

जमशेदपुर : आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल एवं जमशेदपुर ब्लड सेंटर कि ओर से 1घंटे के रक्त दान शिविर में ईश्वर कोटि के मनुष्यों ने 10 यूनिट रक्तदान किया एवं 20

पौधा वितरण किया गया ।

सुनील आनंद का कहना है कि मनुष्य इस पृथ्वी पर बहुत कम समय के लिए आया है इस बहुमूल्य समय को ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक कार्य में लगाना चाहिए ,समय बर्बाद करने से कोई फायदा नहीं चार तरह की सेवा होती है सेवा चार प्रकार की होती है 1. शूद्रोचित सेवा : अपने भौतिक शरीर के माध्यम सेवा करना। शारीरिक सेवा करना। जैसे चिकित्सा सेवा । शूद्र के रूप में सेवा करना शूद्रोचित सेवा।

 

2.क्षत्रियोचित सेवाः दुर्बलों की सहायता, सुरक्षा ।

3. वैश्योचित सेवा : आर्तत्राण व्यवस्था, निर्धनों को भोजन, आर्तजनों की सहायता ।

4. विप्रोचित सेवा : नैतिक शिक्षा, आदर्श का प्रचार-प्रसार, धर्म प्रचार आदि विप्रोचित सेवा है।

सभी प्रकार की सेवाओं का महत्त्व समान है , भगवान कृष्ण के कर्म योग के भाव में सभी रक्तदाताओं ने रक्तदान किया कर्म योग का भाव है बिना किसी फल की आशा किया जो भी कार्य किया जाता है निष्काम कर्म कहा जाता है जिसमें भगवान साक्षी सता रहते हैं , वही है भगवान कृष्ण का कर्म योग ।जितने भी रक्तदाता निस्वार्थ भाव से रक्तदान करते हैं वह सभी लोग ईश्वर कोटि के मनुष्य है करण इस रक्तदान करने में रक्तदाता का किसी प्रकार का कोई भी स्वार्थ नहीं रहता परम पुरुष के छोटे-छोटे बच्चों के कष्ट निदान के लिए रक्तदान करते हैं इसलिए इस तरह के मनुष्य को ईश्वर कोटि के मनुष्य कहा गया है।

रक्त दाताओं के बीच डॉ रीता, राकेश कुमार एवं पवन कुमार ने भी रक्तदाताओं को पौधा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

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