Breaking
Thu. Sep 17th, 2026

*यूपीआई पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर की चर्चा से व्यापारियों में चिंता*

चाईबासा: ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर (Merchant Discount Rate) लगाए जाने की चर्चा को लेकर पश्चिमी सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने चिंता जताई है। चैंबर का कहना है कि यूपीआई वर्तमान समय में डिजिटल भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है और बड़ी संख्या में व्यापारी तथा ग्राहक इसका नियमित रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।

पश्चिमी सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष निरंजन कुमार अग्रवाल ने कहा कि यूपीआई ने व्यापारियों और ग्राहकों के बीच भुगतान प्रक्रिया को काफी आसान बनाया है। ऐसे समय में इस पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की किसी भी पहल से व्यापार जगत में चिंता होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि सरकार को व्यापारियों की वास्तविक समस्याओं और जमीनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोई भी निर्णय लेना चाहिए।

निरंजन कुमार अग्रवाल ने कहा कि छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए प्रत्येक डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क उनकी परिचालन लागत बढ़ा सकता है। इसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि किसी भी नए शुल्क को लागू करने से पहले व्यापारियों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव का आकलन किया जाना चाहिए।

चैंबर ने केंद्र सरकार से मांग की है कि यूपीआई पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लागू करने से पहले व्यापारिक संगठनों, छोटे एवं मध्यम कारोबारियों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।

चैंबर का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिससे व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़े और ग्राहकों के लिए भी भुगतान प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक बनी रहे।

Related Post