सरायकेला। जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुल निर्माण कंपनी के कर्मियों को नक्सली संगठन के नाम पर डराकर लेवी वसूलने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में सात शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को ‘जंगल के आदमी’ बताकर साइट इंचार्ज और मुंशी से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे थे।
जानकारी के अनुसार, तीन अप्रैल को खरसावां थाना क्षेत्र के आमदा ओपी अंतर्गत पिताकलाग में चल रहे पुल निर्माण कार्य के दौरान छह अपराधी अचानक साइट पर पहुंचे और वहां मौजूद मुंशी व मजदूरों को काम बंद करने की धमकी दी। इसके बाद अपराधियों ने फोन के माध्यम से भी खुद को उग्रवादी संगठन का सदस्य बताते हुए लगातार धमकी दी और लेवी की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समीर सवैया के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर सभी आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार अपराधियों में मो. एहसान अंसारी, शमीर सामड़, मो. मोदासीर अंसारी, रविन्द्र हाईबुरू, चन्द्रमोहन बांकिरा उर्फ पांडु, दुर्गा चरण चाकी उर्फ राजन और असीम बारिक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं और इनमें से कई का आपराधिक इतिहास रहा है। वे पहले भी चोरी, आर्म्स एक्ट, अपहरण और हत्या जैसे गंभीर मामलों में जेल जा चुके हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा, एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, तीन मोटरसाइकिल और कुल नौ मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें से दो मोबाइल फोन का इस्तेमाल विशेष रूप से धमकी देने के लिए किया जा रहा था।
इस अभियान में खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार, आमदा ओपी प्रभारी रामरेखा पासवान, एसआई प्रकाश कुमार, एसआई योगेश रजक, तकनीकी शाखा की टीम तथा रिजर्व गार्ड के जवान शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

