जमशेदपुर। शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां जमशेदपुर अभिभावक संघ ने टाटा यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (यूआईएसएल) द्वारा गंदे और बदबूदार पानी की आपूर्ति किए जाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में संघ के अध्यक्ष डॉ. उमेश कुमार ने शुक्रवार को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
शिकायत पत्र में बताया गया है कि यूआईएसएल कंपनी जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ अपने कमांड एरिया में भी जलापूर्ति करती है। कंपनी के टेस्टिंग लैब को आईएसओ-आईईसी 17025 का प्रमाणन प्राप्त होने के बावजूद पिछले 20 से 25 दिनों से शहर के कई इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है।
अभिभावक संघ के अनुसार कदमा क्षेत्र के भाटिया बस्ती, उलियान, रामजनम नगर और शास्त्रीनगर समेत कई इलाकों में लोगों को मटमैला, बदबूदार और कीड़ों युक्त पानी मिल रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि इस पानी को किसी बर्तन में 24 घंटे तक रखा जाए तो उसके तल में गंदगी साफ तौर पर जम जाती है और उसमें से दुर्गंध आने लगती है।इस दौरान बोरबेल और नल द्वारा स्पलाई की गई पानी को देखते हुए बताया कि स्पलाई का पानी गंदा है। लेकिन बोरबेल का पानी साफ है।
संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कंपनी द्वारा अब तक स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता गहरा रही है।
अंत में अभिभावक संघ ने उपायुक्त से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी को निर्देश दिया जाए कि जलापूर्ति की गुणवत्ता में तुरंत सुधार किया जाए, ताकि शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल सके।

